लाइफस्टाइल : केला जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। हालांकि, अधिकतर लोग केला खाने के बाद उसके छिलके को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि केले का छिलका भी कई गुणों से भरपूर होता है। इनमें ऐसे पोषक तत्व और प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद काम आ सकते हैं। केले के छिलकों का उपयोग सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें घर की सफाई, त्वचा की देखभाल और पौधों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है।
अक्सर लोग केले खाकर उसके छिलके को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले इसके फायदों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। केले के छिलके घर में कई स्मार्ट तरीकों से काम आ सकते हैं। इन्हें पौधों के लिए प्राकृतिक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
खजाना छुपा है केले के छिलके में
केले के छिलके में पोटैशियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधों की वृद्धि में मदद करते हैं। इसके अलावा छिलके को जूतों या चांदी के बर्तनों को चमकाने, फर्नीचर साफ करने और बदबू दूर करने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। यही नहीं, त्वचा की देखभाल में भी यह बेहद फायदेमंद माना जाता है—इसे चेहरे पर हल्के से रगड़ने से पिंपल्स, दाग-धब्बे और रूखी त्वचा में सुधार हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को पोषण देने और जलन कम करने में सहायक होते हैं। इसलिए अब केले के छिलके को कचरे में फेंकने के बजाय घरेलू और ब्यूटी उपयोग में लाकर पैसे की बचत के साथ-साथ पर्यावरण की भी रक्षा की जा सकती है।
केले का चिल्का इस्तेमाल करने के तरीके
शाकाहारी “पुल्ड पोर्क” का है विकल्प
आजकल शाकाहारी खानपान में नए और अनोखे विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जिनमें केले के छिलकों से बनने वाला “पुल्ड पोर्क” का शाकाहारी विकल्प भी शामिल है। केले के छिलकों की बनावट ऐसी होती है कि जब इन्हें अच्छी तरह साफ करके बारीक काटा जाता है और मसालों के साथ भून लिया जाता है, तो ये बिल्कुल रेशेदार टेक्सचर देते हैं, जो पारंपरिक “पुल्ड पोर्क” जैसा महसूस होता है। हेल्दी, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण यह विकल्प शाकाहारियों और फिटनेस प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
फ्राई और करी में करें इस्तेमाल
केले के छिलकों को अब केवल कचरा समझकर फेंकने की बजाय खाना बनाने में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन्हें अच्छी तरह धोकर पतले-पतले टुकड़ों में काट लिया जाए तो स्टिर-फ्राई या नारियल आधारित करी में आसानी से शामिल किया जा सकता है। पकाने या भूनने पर ये नरम हो जाते हैं और लहसुन, अदरक, सोया सॉस या करी पेस्ट जैसे मसालों का स्वाद अच्छी तरह अपने अंदर सोख लेते हैं। इससे सब्ज़ी का स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं, साथ ही भोजन पौष्टिक और किफायती भी बनता है।
मांस को सूखने से बचाएं
अगर आप स्लो कुकर में चिकन या पोर्क बनाते समय चाहते हैं कि मांस सूखे नहीं और रसदार बना रहे, तो एक आसान घरेलू तरीका अपनाया जा सकता है। पकाते समय उसमें एक या दो केले के छिलके डाल देने से मांस की नमी बनी रहती है और वह ज्यादा जूसी बनता है। माना जाता है कि केले के छिलकों में मौजूद प्राकृतिक तत्व पकने के दौरान भाप और नमी को बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे मांस सख्त नहीं होता।
त्वचा को हाइड्रेट करें
केले के छिलके का उपयोग त्वचा को प्राकृतिक रूप से हाइड्रेट रखने के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसका अंदरूनी हिस्सा हल्के हाथों से सीधे त्वचा पर रगड़ने से त्वचा को नमी मिलती है और रूखापन कम होने लगता है। केले के छिलके में मौजूद पोटैशियम और पानी की पर्याप्त मात्रा त्वचा को पोषण देती है, जिससे बेजान और सूखी त्वचा को राहत मिलती है।
कूड़ेदान की दुर्गंध दूर करें
घरों में कूड़ेदान से आने वाली बदबू अक्सर परेशानी का कारण बनती है, खासकर गर्मी के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में एक आसान घरेलू उपाय के तौर पर केले के छिलकों का उपयोग किया जा सकता है। यदि कटे हुए केले के छिलकों को कूड़ेदान के नीचे या उसके लाइनर के नीचे रख दिया जाए, तो वे दुर्गंध को सोखने में मदद करते हैं।
चांदी और स्टेनलेस स्टील चमकाएं
घरेलू उपायों में केले के छिलके का इस्तेमाल चांदी और स्टेनलेस स्टील की चीज़ों को चमकाने के लिए भी किया जा सकता है। यदि इन बर्तनों या सजावटी वस्तुओं पर मैल जम गई हो तो केले के छिलके को थोड़ा पानी मिलाकर पीस लें और उसका पेस्ट तैयार कर लें। फिर इस पेस्ट को मुलायम कपड़े की सहायता से सतह पर लगाकर हल्के हाथों से रगड़ें और कुछ देर बाद साफ कपड़े से पोंछ लें।
पौधों के लिए है प्राकृतिक खाद
पौधों की बेहतर ग्रोथ के लिए प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए केले के छिलकों को कुछ दिनों तक पानी में भिगोकर रखा जा सकता है और बाद में उसी पानी से पौधों की सिंचाई करनी चाहिए। इस पानी में मौजूद पोटैशियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पौधों की जड़ों को मजबूती देते हैं, जिससे उनकी वृद्धि तेज होती है और पौधे अधिक हरे-भरे व स्वस्थ बनते हैं।
