शहडोल के धनपुरी नगर पालिका में भ्रष्टाचार का खेल एक बार फिर सामने आया है। लोकायुक्त रीवा की टीम ने सहायक उप निरीक्षक इंद्र बहादुर सिंह उर्फ आई.बी. सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने भवन निर्माण स्वीकृति के नाम पर अनधिकृत तरीके से पैसे की मांग की थी।
3,000 रुपये की ली घूस
जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त रीवा की टीम ने 15 सदस्यीय विशेष दल के साथ नगर पालिका परिसर में दबिश दी। जांच के दौरान आई.बी. सिंह को 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया। वहीं, नगर पालिका का अन्य कर्मचारी रज्जन चौधरी भी इस मामले में संलिप्त पाया गया। बताया जा रहा है कि मूलतः भवन निर्माण स्वीकृति के नाम पर कुल 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
मामला दर्ज
रिश्वत की रकम बरामद होने के बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। इस कार्रवाई के बाद नगर पालिका में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी तुरंत कार्यालय से गायब हो गए, जिससे परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
लोकायुक्त की रणनीति
लोकायुक्त रीवा की टीम ने मामले में पहले से ही रणनीति बनाई थी और ट्रैप लगाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम के सदस्यों ने बताया कि भ्रष्टाचार की यह प्रवृत्ति नगर पालिका के कई विभागों में गहरी जड़ें जमा चुकी है, और इस तरह की सख्त कार्रवाई से यह संदेश जाएगा कि प्रशासन में किसी भी स्तर पर रिश्वत लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन का संदेश
लोकायुक्त रीवा ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे अपनी जिम्मेदारी और जनता के प्रति ईमानदारी के प्रति सचेत रहें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार की जांच और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
शहडोल के नागरिकों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में नगर पालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
