बिहार की सियासत में शनिवार को बड़ा धमाका हुआ। राजद के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधान पार्षद गणेश भारती ने अचानक पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सिर्फ पद ही नहीं छोड़ा, बल्कि पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी किनारा कर लिया। भारती का कहना है कि तेजस्वी यादव ने नोनिया समाज को भरोसा देकर बाद में धोखा दिया। गणेश भारती ने कहा कि कुछ महीने पहले तेजस्वी यादव खुद नोनिया समाज की एक सभा में पहुंचे थे। वहां उन्होंने मंच से कहा था कि “नोनिया समाज वोट बैंक नहीं, हमारा पावर बैंक है।” उस समय उन्होंने वादा किया था कि आने वाले विधानसभा चुनाव में 8 से 10 नोनिया उम्मीदवारों को टिकट देंगे। भारती का दावा है कि तेजस्वी ने उनसे भी बरुराज सीट से चुनाव लड़ने का वादा किया था।
लेकिन जब टिकट बंटवारा हुआ तो सारा वादा धरा रह गया। भारती ने कहा कि उत्तर बिहार में एक भी नोनिया उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने इसे न सिर्फ अपने साथ, बल्कि पूरे समाज के साथ धोखाधड़ी बताया।
राजद के खिलाफ अभियान
इस्तीफा देने के बाद भारती ने कहा कि अब वे राजद के खिलाफ अभियान चलाएंगे। “मैं पूरे बिहार का दौरा करूंगा और नोनिया समाज के लोगों के साथ मिलकर आईएनडीआईए गठबंधन के उम्मीदवारों को हराने का काम करूंगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने आगे जोड़ा कि अगर यह गठबंधन सरकार में आता है तो नीतीश कुमार के अब तक किए गए विकास कार्यों पर पानी फिर जाएगा।
इस्तीफे से हलचल
राजद में उनके इस्तीफे से हलचल मच गई है। पार्टी के कई स्थानीय नेता मान रहे हैं कि चुनाव के ठीक पहले यह झटका पार्टी को राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां नोनिया समाज की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है। इधर, कांग्रेस ने भी चुनावी तैयारियों में तेजी ला दी है। शनिवार को अरविंद कुमार मुकुल की अध्यक्षता में जिला चुनाव अभियान समिति का गठन किया गया। समिति में कई वरिष्ठ नेताओं जैसे सुरेश चंचल, कृपा शंकर शाही, मयंक कुमार मुन्ना और डॉ. महताब आलम सिद्दीकी को शामिल किया गया है।
अब देखना यह है कि गणेश भारती के इस कदम का असर चुनावी समीकरणों पर कितना पड़ता है और क्या राजद उन्हें मनाने की कोशिश करती है या नहीं।
