मधुबनी ज़िले की बाबूबरही विधानसभा सीट पर राजनीति का खेल अचानक बदल गया है। महागठबंधन की VIP पार्टी की उम्मीदवार बिंदु गुलाब यादव ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद अब इस सीट पर राजद (RJD) के अरुण कुमार सिंह महागठबंधन की ओर से चुनाव लड़ेंगे। यह फैसला उस वक्त आया जब VIP प्रमुख मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया। इसके बाद महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान थमने के बजाय और तेज हो गई है।
अब सीधा मुकाबला
नामांकन वापसी के बाद अब राजद और जदयू में सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है। अरुण कुमार सिंह, जो बाबूबरही प्रखंड के महेशबारा पंचायत के पूर्व मुखिया रह चुके हैं, कुशवाहा समाज से आते हैं। दूसरी ओर, जदयू की प्रत्याशी मीना कामत भी इसी समाज से ताल्लुक रखती हैं और पहले भी उन्हें कुशवाहा वोटों का बड़ा हिस्सा मिलता रहा है। इस बार दोनों उम्मीदवार एक ही समुदाय से होने के कारण जातीय समीकरण काफी दिलचस्प हो गए हैं।
जातीय समीकरण बना गेमचेंजर
बाबूबरही विधानसभा में यादव और कुशवाहा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अनुमान है कि यादव मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है, जबकि कुशवाहा वोटरों का प्रतिशत भी कम नहीं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अरुण कुमार सिंह को यादव, कुशवाहा और मुस्लिम वोटरों का समर्थन मिल सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो मीना कामत का समीकरण बिगड़ सकता है और राजद के लिए राह आसान हो सकती है।
चुनाव आयोग द्वारा निर्देशित राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशियों का C -7 फॉर्मेट में विवरण: pic.twitter.com/IkHhoEq8fu
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) October 23, 2025
VIP को झटका
बिंदु गुलाब यादव वर्तमान में मधुबनी जिला परिषद अध्यक्ष हैं। वे पूर्व विधायक गुलाब यादव की बेटी हैं और उनके परिवार का इस इलाके में अच्छा प्रभाव माना जाता है। उनकी मां भी एमएलसी हैं। नामांकन वापसी से VIP को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि बिंदु यादव को स्थानीय स्तर पर मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था।
अब क्या होगा आगे?
राजनीति के जानकार मान रहे हैं कि महागठबंधन की इस चाल से RJD ने जातीय समीकरणों को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की है। वहीं, JDU पूरी ताकत से मीना कामत के समर्थन में जुटी है।
