बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले महागठबंधन ने शुक्रवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया, जिसका नाम रखा गया है ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि यह सिर्फ एक चुनावी दस्तावेज नहीं बल्कि “बिहार को नया रास्ता दिखाने का रोडमैप” है। घोषणा पत्र जारी करने के मौके पर मंच पर राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस के पवन खेड़ा, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी, वाम दलों के नेता और कई सहयोगी दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। माहौल पूरी तरह चुनावी जोश से भरा था।
घोषणापत्र जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “यह सिर्फ हमारा घोषणापत्र नहीं, यह बिहार की जनता का प्रण है। हम राज्य को बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार से मुक्त करेंगे। हर परिवार में एक सदस्य को नौकरी देना हमारी जिम्मेदारी होगी, वादा नहीं।”
उन्होंने साफ कहा कि सरकार बनते ही 20 दिनों के भीतर कानून लाकर हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, और 20 महीनों के अंदर रोजगार देने का वादा पूरा किया जाएगा।
पवन खेड़ा बोले
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि इस घोषणापत्र से साफ है कि कौन बिहार के भविष्य को लेकर गंभीर है। यह पहली बार है जब कोई गठबंधन सरकार बनने से पहले दिन-रात सोच रहा है कि पहले दिन से क्या करना है। पिछले 20 साल में जो बिहार पीछे चला गया, उसे अब आगे लाने का समय आ गया है।
ये इंडिया गठबंधन का संकल्प पत्र दलों और दिलों का प्रण है। एक-एक घोषणा दिल से लिया हुआ प्रण है, अपने हर प्रण को प्राण झोंक कर पूरा करेंगे।
एक बिहारी दिल से जब कुछ ठान लेता है तो फिर बिना हासिल किए रुकता नहीं है। pic.twitter.com/wxQXH11tU9
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 28, 2025
घोषणापत्र के वादे
- हर परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी
- पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी
- मनरेगा की मजदूरी ₹300 प्रतिदिन की जाएगी
- गैस सिलेंडर ₹500 में उपलब्ध होगा
- शराबबंदी कानून की समीक्षा होगी
- जीविका दीदियों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा
- आईटी पार्क, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और कृषि उद्योगों के लिए नई नीति बनेगी
बिहार को फिर से खड़ा करेंगे: तेजस्वी
तेजस्वी ने कहा कि बिहार के लोग अब ठोस बदलाव चाहते हैं, “यह चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने का नहीं, सोच बदलने का है। महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि यह मैनिफेस्टो “वादों की किताब नहीं, बल्कि बिहार के पुनर्निर्माण की दिशा” है।
