बिहार का चुनावी तापमान बढ़ चुका है। शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का गोपालगंज में जनसभा का कार्यक्रम तय था, लेकिन खराब मौसम ने उड़ान रोक दी। उनका हेलिकॉप्टर पटना से उड़ान नहीं भर पाया, मगर शाह ने मैदान नहीं छोड़ा उन्होंने वर्चुअल तरीके से ही भीड़ को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने नीतीश सरकार और आरजेडी पर सीधा वार किया।
बोले, “बिहार फिर से उसी जंगलराज की ओर बढ़ रहा है, जिसे जनता ने कभी खत्म किया था।” शाह ने वादा किया कि अगर केंद्र की योजनाएं सही तरीके से लागू करने दी गईं, तो बंद पड़ी चीनी मिलें फिर से चलेंगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा
“बिहार में बेटियां डरी हुई हैं”
उधर, बेगूसराय के बछवाड़ा में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जनसभा में सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भीड़ से कहा, “बिहार में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि महिलाएं अब खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। सरकार सो रही है और अपराधी सड़कों पर खुले घूम रहे हैं।” प्रियंका ने नौजवानों से रोजगार, किसानों से गन्ने के दाम और महिलाओं से सुरक्षा का सवाल उठाया। कहा, “बदलाव का वक्त आ गया है, बिहार को डर नहीं, भरोसे की राजनीति चाहिए।”
चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन
इस बीच, मोकामा हत्याकांड ने प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन अधिकारियों को तुरंत हटा दिया है।
हटाए गए अधिकारियों में बाढ़ के SDM चंदन कुमार, ग्रामीण SP विक्रम सिहाग, और SDPO-1 राकेश कुमार शामिल हैं। उनकी जगह अब 2022 बैच के IAS अधिकारी आशीष कुमार को बाढ़ का नया SDM बनाया गया है।
आयोग ने साफ कहा कि चुनाव के दौरान किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
जनता देख रही मैदान
एक तरफ शाह की “जंगलराज” वाली टिप्पणी, दूसरी तरफ प्रियंका की “महिलाएं असुरक्षित” वाली बात दोनों दलों ने चुनावी मुद्दों को गरमा दिया है। मौसम भले खराब हो, लेकिन बिहार की सियासत का तापमान अब तेजी से बढ़ रहा है। हर मंच से वार-पलटवार जारी है, और जनता अब तय करेगी कि इस बार भरोसा किस पर जताया जाए।
