बिहार की सियासत में सोमवार का दिन काफी चर्चा में रहा, क्योंकि लंबे वक्त बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव खुद चुनाव प्रचार के मैदान में उतरे। उन्होंने दानापुर सीट से राजद उम्मीदवार रीतलाल यादव के समर्थन में जोरदार रोड शो किया। खास बात यह रही कि जिन रीतलाल के लिए लालू प्रचार कर रहे हैं, वे इस वक्त 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के आरोप में जेल में बंद हैं। लालू यादव का रोड शो दीघा से शुरू हुआ और करीब 15 किलोमीटर दूर खगौल तक चला। रास्ते में जगह-जगह समर्थक हाथों में झंडे लेकर “लालू जिंदाबाद” और “राजद विजयी हो” के नारे लगाते दिखे। उनके साथ उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती भी मौजूद थीं। कई जगहों पर लोगों ने फूल बरसाकर लालू का स्वागत किया।
एक समर्थक ने उत्साह में कहा, “ये भीड़ बदलाव की निशानी है, लालू यादव आज भी लोगों के दिलों में राज करते हैं। उनका क्रेज कम नहीं हुआ है, ये प्यार अब भी बरकरार है।”
कौन हैं रीतलाल यादव?
दानापुर के राजद प्रत्याशी रीतलाल यादव का नाम पिछले कुछ समय से विवादों में रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक बिल्डर कुमार गौरव से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी और धमकी दी थी। इस मामले में खगौल थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद रीतलाल ने 17 अप्रैल 2025 को दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया। करीब दो महीने पहले सुरक्षा कारणों से उन्हें बेऊर जेल से भागलपुर के विशेष केंद्रीय कारागार में शिफ्ट किया गया, जहां वे हाई सिक्योरिटी वाले T-सेल में रखे गए हैं।
“जनता सब जानती है”
रोड शो के दौरान लालू यादव ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, “जनता सब जानती है, किसने गरीबों का हक छीना और कौन उनके साथ खड़ा है। रीतलाल जनता का आदमी है, उसे झूठे केस में फंसाया गया है।” लालू के इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि वे पुराने अंदाज में फिर मैदान में उतर आए हैं। समर्थक भी यही कह रहे हैं, “अबकी बार लालू के नाम पर ही होगा फैसला।”
