बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की वोटिंग खत्म हो चुकी है। इस बार राज्य में रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ है। मतदाता अब नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जो 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से घोषित होना शुरू होंगे। हालांकि, नतीजों से पहले ही राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कोई आत्मविश्वास में डूबा है, तो कोई एग्जिट पोल पर तंज कस रहा है।
नीतीश का ‘तीन धर्म स्थल दौरा’
मतदान खत्म होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुबह-सुबह एक अलग ही धार्मिक यात्रा शुरू की। पहले मंदिर पहुंचे, फिर मजार गए और आखिर में गुरुद्वारा में मत्था टेका। इसे लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे “सियासी पूजा पथ” कह रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी तनाव का आध्यात्मिक तोड़।
हालांकि नीतीश ने मीडिया से कहा, “हमने हमेशा सब धर्मों का सम्मान किया है, आज भी वही किया।”
मांझी बोले- “जंगलराज वापस नहीं आने देंगे”
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने दावा किया है कि इस बार जनता ने सोच-समझकर वोट दिया है। उन्होंने कहा, “लोग अब बिहार को फिर से अंधेरे में नहीं जाने देंगे। जंगलराज की वापसी नहीं होगी।” मांझी का इशारा साफ तौर पर महागठबंधन की तरफ था, हालांकि उन्होंने नाम नहीं लिया।
पप्पू यादव का दावा
दूसरी ओर, पप्पू यादव ने पूरे जोश के साथ कहा, “बिहार में बदलाव तय है। इस बार महागठबंधन की सरकार आने वाली है।” उन्होंने एग्जिट पोल पर निशाना साधते हुए कहा कि एग्जिट पोल हमेशा गलत साबित होते हैं, जनता ने इस बार खुलकर वोट किया है।
तेजप्रताप का आत्मविश्वास
जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने एग्जिट पोल पर तंज कसते हुए कहा, “मैं एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं करता। मैं अपनी सीट महुआ से जीत रहा हूं।” तेजप्रताप के इस बयान के बाद उनके समर्थकों में नई ऊर्जा देखी जा रही है, वहीं विपक्षी खेमे में खामोशी है।
सबकी निगाहें 14 नवंबर पर
अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब वोटों की गिनती शुरू होगी। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है… एनडीए, महागठबंधन और पप्पू यादव की पार्टी के बीच। कौन बनेगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री, इसका जवाब सिर्फ EVM के पेट में बंद है। फिलहाल, पटना से लेकर पूर्णिया तक, हर चौक-चौराहे पर बस एक ही चर्चा है, “भइया, इस बार कौन जीतेगा?”
