साल 2025 गौतम गंभीर और टीम इंडिया के लिए मिलेजुले अनुभवों वाला रहा। एक तरफ भारत ने उनके नेतृत्व में एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े खिताब जीते, वहीं दूसरी ओर टीम को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। खासकर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को उसके घर में 2-0 से क्लीन स्वीप किया, जो 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली 3-0 की हार के बाद लगातार टेस्ट में मिली हार रही। इन नतीजों ने गंभीर की टेस्ट कोच के रूप में साख पर सवाल खड़े कर दिए।
गौतम गंभीर की टीम इंडिया में हेड कोच की कुर्सी संकट में दिख रही है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली करारी हार के बाद BCCI और पूर्व खिलाड़ी VVS लक्ष्मण के बीच कथित तौर पर एक ‘सीक्रेट मीटिंग’ हुई, जिससे कयास लगाए जाने लगे हैं कि टीम इंडिया को जल्द ही नया टेस्ट कोच मिल सकता है।
कुर्सी पर छाया संकट
गौतम गंभीर की भारत के टेस्ट क्रिकेट टीम में कोच की कुर्सी पर संकट गहराने लगा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में मिली हार के बाद बीसीसीआई (BCCI) और पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण के बीच एक ‘सीक्रेट मीटिंग’ की खबर सामने आई है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। यह बैठक टीम के भविष्य और कोचिंग की स्थिति पर संभावित बदलाव को लेकर होने का अनुमान लगाया जा रहा है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि गंभीर की कोच की भूमिका पर सवाल उठ सकते हैं।
BCCI और लक्ष्मण के बीच हुई मीटिंग
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद बीसीसीआई ने वीवीएस लक्ष्मण से टेस्ट टीम की कोचिंग की संभावना पर अनौपचारिक बातचीत की है। हालांकि, लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के प्रमुख के रूप में अपने काम से संतुष्ट हैं और उन्होंने तुरंत इस पद के लिए कोई हां या ना नहीं कही है।
BCCI ने अटकलों को किया खारिज
BCCI ने गौतम गंभीर के कोच रहने की अटकलों को खारिज कर दिया है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बने रहेंगे और 2027 वर्ल्ड कप तक इस पद पर बने रहना तय है। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है।
सस्पेंस पर भविष्य
भारतीय क्रिकेट में गौतम गंभीर के भविष्य को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि उनका कोचिंग कॉन्ट्रैक्ट 2027 विश्व कप तक है, लेकिन अगले 5 हफ्तों में शुरू होने वाले टी20 विश्व कप में टीम के प्रदर्शन के आधार पर उनके कार्यकाल की समीक्षा की जा सकती है। इसी तरह जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले उप-कप्तान शुभमन गिल को टीम से बाहर किया गया था, वैसे ही गंभीर की स्थिति पर भी कयास लग रहे हैं।
