सरकार ने 2026-27 के आम Budget में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर को खास तवज्जो दी है। बजट में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने से जुड़े नए नियमों और योजनाओं का ऐलान किया गया है, जिससे भारत के EV इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। ग्रीन मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने आयात पर निर्भरता घटाने और स्थानीय उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश कर दिया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया है।
Budget 2026 में इलेक्ट्रिक वाहन होंगे सस्ते
Budget 2026 में सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को सस्ते और आम लोगों के लिए किफायती बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में EV मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी प्रोडक्शन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया गया है, जिससे इन गाड़ियों की लागत में आने वाले समय में कमी होने की उम्मीद है। खास तौर पर लिथियम-आयन बैटरी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे बैटरी की लागत घटेगी और दूर-दूर तक EV की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। इन फैसलों से आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ आम लोगों की जेब के करीब और सस्ती हो सकती हैं।
PLI स्कीम से मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बूस्ट
बजट में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के विस्तार का ऐलान किया गया है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) कंपोनेंट्स और मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI फंडिंग बढ़ाकर 5,940 करोड़ रुपये कर दी है, जिससे देश में EV और उनके पुर्जों का उत्पादन तेज होगा। इसके साथ ही लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे बैटरी की लागत कम हो सकती है। चूंकि बैटरी EV की कीमत का बड़ा हिस्सा होती है, इसलिए इसके सस्ता होने से आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें घटने की संभावना जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री ई-ड्राइव स्कीम का हुआ ऐलान
EV सेक्टर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव स्कीम के तहत बड़ा ऐलान किया है। बजट में इस योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। इस स्कीम के तहत EV चार्जिंग और पेमेंट से जुड़ा एक सुपर ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिससे यूजर्स को सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को इंसेंटिव देने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करें।
EV सेक्टर को मिली लंबी उड़ान
बजट के बाद भले ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतों में तुरंत कोई बड़ी कटौती देखने को न मिले, लेकिन सरकार द्वारा मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी प्रोडक्शन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के फैसले लंबे समय में राहत देने वाले साबित हो सकते हैं। इन कदमों से EV की लागत घटने की उम्मीद है, जिससे आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन न सिर्फ ज्यादा किफायती होंगे बल्कि आम लोगों के लिए इन्हें अपनाना भी आसान हो जाएगा। कुल मिलाकर, सरकार की पहल से साफ संकेत मिलते हैं कि भविष्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियां जेब पर ज्यादा भारी नहीं पड़ेंगी।
