पुर्तगाल में बच्चों को मिला मतदान का मौका, बनी लोकतंत्र की अनोखी पहल

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Published On: 9 February 2026

पुर्तगाल में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर एक अनोखा और दिलचस्प दृश्य देखने को मिला, जहां अपने माता-पिता के साथ आए बच्चों को भी प्रतीकात्मक रूप से “मतदान” करने का मौका दिया गया। बच्चों के लिए बनाए गए विशेष मतपत्रों पर असली उम्मीदवारों के बजाय ‘सुपर मारियो’ और ‘रोब्लॉक्स’ जैसे लोकप्रिय काल्पनिक किरदारों के नाम थे। राजधानी लिस्बन के एक मतदान केंद्र की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही लोकतंत्र की प्रक्रिया से परिचित कराना था, ताकि वे किताबों के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए लोकतांत्रिक मूल्यों को समझ सकें।

पुर्तगाल के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान लिस्बन के एक मतदान केंद्र पर एक अनोखा और रचनात्मक प्रयोग किया गया, जहां बच्चों को काल्पनिक किरदारों के नाम वाले मतपत्रों पर वोट डालने का अवसर दिया गया। इस पहल को पहली बार आज़माया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें कम उम्र से ही नागरिक जिम्मेदारी का अनुभव कराना है।

पुर्तगाल में बच्चों को मिला मतदान का मौका

विश्व में लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक देश ने अनोखी और सराहनीय पहल की है, जहां राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पहली बार बच्चों को भी प्रतीकात्मक रूप से मतदान का अवसर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदान की प्रक्रिया और नागरिक जिम्मेदारियों की समझ देना था। स्कूलों और विशेष मतदान केंद्रों पर बच्चों के लिए अलग से वोटिंग की व्यवस्था की गई, जहां उन्होंने उम्मीदवारों के बारे में जानकारी लेकर अपने मत डाले। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में वे जिम्मेदार मतदाता बनेंगे। यह पहल दुनिया भर के देशों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है।

 

बच्चों को सिखाया गया वोटिंग का सबक

पुर्तगाल में चुनाव के दौरान इस बार एक अनोखा प्रयोग देखने को मिला, जिसे बच्चों में लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने की पहल माना जा रहा है। बच्चों के लिए अलग से बनाए गए मतपत्र पर लिखा गया था, “अपने पसंदीदा किरदार को वोट दीजिए”, ताकि वे मतदान की प्रक्रिया को समझ सकें। आठ वर्षीय आर्तुर की मां कैटरीना बारबोसा ने इसे अपने बेटे के लिए सीखने का बेहतरीन अनुभव बताया।

उनका कहना है कि वह हमेशा अपने बेटे को साथ लाती हैं ताकि उसे कम उम्र से ही वोट डालने के महत्व का एहसास हो और जब वह 18 साल का हो जाए तो मतदान से दूर न रहे। उनके अनुसार यह तरीका बच्चों के लिए मजेदार भी है और इससे उनमें यह भावना पैदा होती है कि वे भी एक जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

बच्चों को मिली मतदान की प्रेरणा

आर्तुर ने बताया कि वह मतपत्र पर मौजूद सभी किरदारों को पहचानता है, वहीं नौ वर्षीय जोआओ और 11 वर्षीय कैरोलिना के पिता जोआओ डियास ने भी अपने बच्चों को वोट डालने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को कम उम्र से ही जिम्मेदारी की समझ देना बेहद जरूरी है, ताकि वे बड़े होकर अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी अच्छी तरह समझ सकें और एक जागरूक नागरिक बन सकें।

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