ग्वालियर की वैशाली नदी से अतिक्रमण हटाने के मामले में नगर निगम को अदालत ने 10 दिन का समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में निगम को पूरी कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट पेश करनी होगी। अगली सुनवाई से पहले नदी क्षेत्र से सभी अवैध निर्माण हटाए जाने की उम्मीद जताई गई है।
सुनवाई के दौरान नगर निगम के वकील ने कोर्ट को बताया कि अतिक्रमण हटाने और पूरी रिपोर्ट तैयार करने के लिए थोड़ा और समय चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निगम नदी से अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट अदालत में पेश करेगा।
ग्वालियर नगर निगम की स्थिति
याचिकाकर्ता और उनके वकीलों ने भी कोर्ट में कहा कि अतिक्रमण हटते ही वैशाली नदी को पुनर्जीवित करने के कार्य की शुरुआत हो जाएगी। इसमें नदी की सफाई, सौंदर्यीकरण और पानी के सही बहाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल ऑडिट पर जोर दिया। याचिकाकर्ताओं से कहा गया कि वे शहर के प्रतिष्ठित लोग और तकनीकी विशेषज्ञ सुझाएं, ताकि नदी संरक्षण और सुधार कार्य की सही निगरानी हो सके। इससे नदी से जुड़ी कार्रवाई पारदर्शी और प्रभावी होगी।
सहयोग और सामूहिक प्रयास की दिशा
कोर्ट ने सभी पक्षों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए। अदालत ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नदी के संरक्षण और सुधार का कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़े और अतिक्रमण हटाने के बाद नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरणीय सुधार को प्राथमिकता दी जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। शहरवासियों ने निगम की कार्रवाई पर नजर बनाए रखी है और उम्मीद जताई है कि नदी से अतिक्रमण हटाकर इसे फिर से जीवित किया जाएगा।
