मऊगंज उपजेल में कैदियों से अवैध वसूली और मारपीट का मामला सामने आया है। जेल से छूटने के बाद अंबरीश द्विवेदी नाम के एक कैदी ने यह घटना कलेक्टर और जेल अधीक्षक को लिखित रूप में सौंपते हुए आरोप लगाया कि जेल में रहते हुए उन्हें मारपीट के साथ-साथ पैसों की मांग की गई।
अंबरीश द्विवेदी ने बताया कि 16 दिसंबर को उन्हें मऊगंज जेल में लाया गया। वहां एक प्रहरी ने करीब दो घंटे तक उन्हें पीटा। इसके बाद उनके परिजनों का मोबाइल नंबर लेकर धमकी दी गई कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो उन्हें और प्रताड़ित किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो कैदी ने रिकॉर्ड कर लिया था।
मऊगंज जेल में कैदियों से अवैध वसूली
मंगलवार रात मऊगंज जेल अधीक्षक ने प्रकाश सिंह बघेल नाम के आरोपी प्रहरी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। जेल अधीक्षक का मुख्यालय अब अनूपपुर जिला जेल रहेगा। जेल प्रशासन ने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कैदी ने अपने द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो मऊगंज कलेक्टर को भी सौंपा है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। उनका कहना है कि जेल में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या कैदियों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जेल प्रशासन की प्रतिक्रिया
जेल अधीक्षक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि कैदियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा प्राथमिकता होगी। जेल में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह घटना मऊगंज उपजेल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कैदियों और उनके परिजनों के अनुसार, ऐसी घटनाएं जेलों में अनुशासन और मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर करती हैं।
