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ग्वालियर के शासकीय कॉलेजों में छात्रों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, क्रीड़ा शुल्क 2 बार वसूले जाने पर सवाल

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Published On: 16 February 2026

ग्वालियर के शासकीय कॉलेजों में पढ़ने वाले नियमित छात्रों को अब एक ही शैक्षणिक सत्र में 2 बार क्रीड़ा शुल्क जमा करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा फॉर्म भरते समय 192 रुपए अतिरिक्त क्रीड़ा शुल्क लेने का निर्णय सामने आया है। इस फैसले से छात्रों में नाराजगी है क्योंकि वे पहले ही प्रवेश के दौरान यह शुल्क जमा कर चुके हैं।

मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, प्रवेश के समय प्रत्येक छात्र से 250 रुपए क्रीड़ा शुल्क के रूप में लिए जाते हैं। इस राशि का 60 प्रतिशत संबंधित कॉलेज अपने पास रखता है, जबकि 40 प्रतिशत विश्वविद्यालय को भेजा जाता है। अब नए निर्देशों के तहत परीक्षा फॉर्म भरते समय फिर से 192 रुपए क्रीड़ा शुल्क जोड़े जाने से छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है।

ग्वालियर: बढ़ोतरी को लेकर हुआ था विवाद

बीते वित्तीय वर्ष में भी प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्रीड़ा शुल्क में बढ़ोतरी की गई थी। उस समय कई छात्रों ने बढ़ी हुई राशि जमा नहीं की थी। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी कर बकाया राशि को परीक्षा शुल्क के साथ वसूलने की प्रक्रिया अपनाई थी। इस बार हालांकि हालात अलग बताए जा रहे हैं, क्योंकि छात्रों ने प्रवेश के समय ही निर्धारित शुल्क जमा कर दिया था।

लिखित आदेश से बढ़ी नाराजगी

छात्रों का कहना है कि जब एक सत्र के लिए पहले ही शुल्क लिया जा चुका है, तो दोबारा क्रीड़ा शुल्क वसूलना उचित नहीं है। कॉलेजों को इस संबंध में लिखित आदेश जारी किए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे असमंजस और बढ़ गया है। कई छात्र संगठन इसे अनुचित बताते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष

इस मामले में विश्वविद्यालय के कुल सचिव राजीव मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय स्तर पर क्रीड़ा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है। उनका कहना है कि यदि किसी कॉलेज ने अपने स्तर पर अतिरिक्त शुल्क जोड़ा है, तो शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

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