देश में अपनी स्वच्छता पहचान के लिए मशहूर इंदौर अब आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर पूरी तैयारी में जुट गया है। इसी क्रम में इंदौर नगर निगम ने व्यापक रणनीति बनानी शुरू कर दी है। शनिवार को सिटी बस ऑफिस में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें स्वच्छ सर्वेक्षण से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हुई। शासन की गाइडलाइन के अनुरूप प्रेजेंटेशन के माध्यम से सभी बिंदुओं की बारीकी से समीक्षा की गई।
बैठक में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण और गार्बेज फ्री सिटी के मानकों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कचरे के वैज्ञानिक निपटान और पृथक्करण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। ओडीएफ प्लस प्लस की स्थिति, नागरिक सहभागिता और नवाचार आधारित गतिविधियों को भी प्राथमिकता में रखा गया है। डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करने की बात कही गई, ताकि हर गतिविधि की रियल टाइम निगरानी हो सके।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026
समीक्षा बैठक में पेयजल व्यवस्था पर भी गंभीर चर्चा हुई। निगमायुक्त ने पेयजल की गुणवत्ता जांच, नियमित सैंपलिंग और लीकेज नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जल वितरण प्रणाली की निरंतर मॉनिटरिंग के लिए अलग से टीम गठित करने का सुझाव भी सामने आया। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि नागरिकों तक स्वच्छ और सुरक्षित पानी पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
नाला सफाई और जलभराव रोकने की तैयारी
स्वच्छ नाला अभियान के तहत शहर के नालों की नियमित सफाई, सिल्ट हटाने और आउटफॉल की जांच को लेकर विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी तय हुआ कि बरसात के पहले जलभराव की संभावित जगहों की पहचान कर समय रहते समाधान किया जाए। निगमायुक्त ने साफ कहा कि शहर में कहीं भी गंदे पानी का ठहराव नहीं होना चाहिए और इसके लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करें।
समयबद्ध लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेगा शहर
बैठक के अंत में प्रत्येक विभाग को अपने-अपने दायित्वों का सूक्ष्म विश्लेषण कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। तय मापदंडों के अनुरूप कार्य कर इंदौर को एक बार फिर स्वच्छता के मानकों पर अव्वल बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि प्रशासनिक सख्ती और जनभागीदारी के साथ शहर स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करेगा।
