फिल्ममेकर Vikram Bhatt के लिए बीते कुछ महीने आसान नहीं रहे। 30 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड केस में गिरफ्तारी के बाद उन्हें और उनकी पत्नी Shwetambari Bhatt को जेल जाना पड़ा था। अब करीब 71 दिन बाद दोनों को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को विक्रम भट्ट जेल से बाहर आए। जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए। उनकी बातों में राहत भी थी और एक तरह का आत्मविश्वास भी।
“सच परेशान हो सकता है, हार नहीं सकता”
विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्होंने ढाई महीने जेल में बिताए, लेकिन उन्हें कानून पर पूरा भरोसा था। उनका कहना था कि उन्हें हमेशा यकीन था कि सच सामने आएगा।
उन्होंने एक दिलचस्प बात भी साझा की। जेल में उनकी मुलाकात एक ऐसे शख्स से हुई जिसने उन्हें मेवाड़ की मिट्टी के बारे में बताया। विक्रम ने कहा कि उस दोस्त ने उनसे कहा था “मेवाड़ की मिट्टी में सच परेशान हो सकता है, लेकिन हार नहीं सकता।”
विक्रम ने इसी बात को दोहराते हुए कहा कि वह उसी मिट्टी का तिलक लगाकर बाहर आ रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि आखिर में जीत सच की ही होगी।
भगवान कृष्ण का जिक्र
बातचीत के दौरान विक्रम भट्ट ने भगवान श्रीकृष्ण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह खुद को पहले से ज्यादा मजबूत महसूस कर रहे हैं। उनके शब्दों में, “मैं भगवान कृष्ण का भक्त हूं। मैं उस जगह पर रहा हूं जहां उनका जन्म हुआ था। अब मुझे एक नई लड़ाई लड़नी है।”
उनका कहना था कि यह समय उनके लिए आत्ममंथन का भी था। उन्होंने कानूनी सिस्टम पर भरोसा जताया और कहा कि जो भी फैसला होगा, वह न्याय के मुताबिक होगा।
आखिर मामला क्या है?
दिसंबर में मुंबई से राजस्थान पुलिस ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि एक फिल्म प्रोजेक्ट से जुड़े पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता का दावा था कि चार फिल्मों के निर्माण के लिए जो रकम दी गई, उसका सही उपयोग नहीं हुआ।
इस केस में करीब 30 करोड़ रुपये की बात सामने आई थी। मामला अदालत तक पहुंचा और अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें अस्थायी राहत मिल गई है।
