कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर निर्देशक, लेखक और गीतकार जो साइमन अब हमारे बीच नहीं रहे। 13 फरवरी, 2026 की शाम उन्होंने बेंगलुरु में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स की एक मीटिंग में शामिल थे, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। शाम करीब साढ़े चार बजे उनके निधन की पुष्टि हुई। वह 80 साल के थे।
जो साइमन सिर्फ एक निर्देशक नहीं थे, बल्कि कन्नड़ सिनेमा के उन स्तंभों में से थे जिन्होंने दशकों तक इंडस्ट्री को अपनी मेहनत और प्रतिभा से समृद्ध किया। उन्होंने बतौर डायरेक्टर लगभग 30 फिल्मों का निर्देशन किया और कुल मिलाकर 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे। उनके जाने से साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
जो साइमन
मीटिंग में मौजूद लोगों के मुताबिक, वह पूरी तरह सक्रिय थे और चर्चा में भाग ले रहे थे। अचानक उन्होंने खुद को असहज महसूस किया और हॉल से बाहर निकलकर एक कुर्सी पर बैठ गए। कुछ ही पलों में वह गिर पड़े। इसे गंभीर कार्डियक अरेस्ट बताया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की, लेकिन हालत बहुत नाजुक थी। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
जो साइमन कर्नाटक के मांड्या शहर के रहने वाले थे। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले साइमन ने अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई। उन्होंने 90 के दशक में कई यादगार फिल्में दीं। उनकी चर्चित फिल्मों में मिस्टर वासु (1995), वांटेड (1993), रविवर्मा (1992) और स्नेहदा कडलल्ली (1992) जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी खास जगह बनाई।
वाइस प्रेसिडेंट
डायरेक्शन के अलावा उन्होंने कहानी, स्क्रीनप्ले और गीत लेखन में भी हाथ आजमाया। यही वजह है कि उन्हें इंडस्ट्री में एक ऑलराउंडर के तौर पर देखा जाता था। वह कन्नड़ फिल्म डायरेक्टर्स एसोसिएशन (KANFIDA) के वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके थे और नई पीढ़ी के फिल्ममेकर्स को मार्गदर्शन देने में हमेशा आगे रहते थे।
उनकी आखिरी फिल्म 2019 में आई पयाना थी। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका जोश कम नहीं हुआ था। वह लगातार इंडस्ट्री की गतिविधियों में सक्रिय रहते थे और नए प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करते रहते थे। यही वजह है कि उनके अचानक निधन की खबर ने सभी को झकझोर दिया।
दी गई श्रद्धांजलि
फिल्म जगत के कई कलाकारों और तकनीशियनों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। सभी ने उन्हें एक सरल स्वभाव का इंसान और समर्पित फिल्मकार बताया। जो साइमन का सफर हमें यह सिखाता है कि सिनेमा सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है, जिसे उन्होंने आखिरी सांस तक जिया।
उनके जाने से कन्नड़ सिनेमा ने एक ऐसा मार्गदर्शक खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनकी फिल्में और उनका काम हमेशा उन्हें याद दिलाता रहेगा।
