अफ्रीका की जीवनदायिनी कही जाने वाली नील नदी एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बन गई। सूडान के उत्तरी नील नदी प्रांत में यात्रियों से भरी एक नाव संतुलन बिगड़ने के कारण अचानक नदी में पलट गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और मासूम बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर तलाश अभियान शुरू किया, जबकि कई लोगों के लापता होने की भी आशंका जताई जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
अफ्रीका की जीवनदायिनी कही जाने वाली नील नदी एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बन गई। सूडान के उत्तरी नील नदी प्रांत में यात्रियों से भरी एक नाव अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण नदी में पलट गई। इस दुखद घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं।
सूडान में हुआ नाव हादसा
सूडान के उत्तरी नील नदी प्रांत में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां यात्रियों से भरी एक नाव नदी में पलट गई। इस हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिसके कारण संतुलन बिगड़ गया और नाव बीच नदी में पलट गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है।
27 यात्रियों से भरी नाव नदी में पलटी
सफर उस वक्त काल में बदल गया, जब नदी पार कर रही एक नाव बीच धारा में अचानक डगमगा गई और कुछ ही सेकंड में पलट गई। जानकारी के अनुसार नाव में कुल 27 लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नदी के बीच पहुंचते ही नाव का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के मुताबिक अब तक 15 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि राहत की बात यह है कि 6 लोगों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि, 6 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल और स्थानीय गोताखोर लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।
ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह
सूडान में हुए इस दर्दनाक हादसे की जड़ में ओवरलोडिंग और भारी लापरवाही सामने आई है। नदी परिवहन जहां आम लोगों के लिए आवाजाही का मुख्य साधन है, वहीं सुरक्षा इंतज़ामों की कमी के कारण यह जानलेवा साबित हो रहा है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि नाव में तय क्षमता से कहीं ज्यादा यात्रियों को बैठाया गया था, जबकि न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध थीं और न ही किसी तरह के सुरक्षा उपाय मौजूद थे। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से नदी परिवहन से जुड़े नियमों की खुली अनदेखी भी इस त्रासदी का बड़ा कारण मानी जा रही है, जिसने एक सामान्य यात्रा को मौत के सफर में बदल दिया।
राहत बचाव कार्य जारी
हादसे में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई।
