ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर दूसरे दौर की वार्ता शुरू होते ही पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। बातचीत के समानांतर ईरान ने Strait of Hormuz की दिशा में लाइव मिसाइल दागकर अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ईरानी मीडिया और अर्ध-सरकारी Tasnim News Agency के अनुसार, देश की तटरेखा और अंदरूनी इलाकों से दागी गई मिसाइलें अपने लक्ष्यों पर सटीक लगीं। यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय किया गया है, जब जेनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और भू-राजनीतिक चिंताएं बढ़ गई हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच जेनेवा में दूसरे दौर की परमाणु वार्ता शुरू होते ही तनाव और बढ़ गया है। इसी दौरान ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज में लाइव मिसाइल दागकर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
ईरान का हुआ मिसाइल परीक्षण
जेनेवा में परमाणु वार्ता शुरू होते ही ईरान ने ताकत का प्रदर्शन करते हुए लाइव मिसाइल परीक्षण किया और दुनिया को अपनी सैन्य क्षमता का संदेश दिया। ईरान के इस कदम को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सख्त संकेत माना जा रहा है। मिसाइल परीक्षण के जरिए तेहरान ने साफ कर दिया कि वह दबाव में आने वाला नहीं है और अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। वहीं पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पहले दी गई चेतावनियों के बीच यह कदम वैश्विक तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। जेनेवा में चल रही वार्ता के दौरान ईरान के इस शक्ति प्रदर्शन से परमाणु समझौते को लेकर नई बहस छिड़ गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब आगे होने वाली बातचीत और संभावित प्रतिक्रियाओं पर टिकी हैं।
United States ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान को समझौता करना ही होगा, वरना उसे “डील न करने के नतीजों” का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि पहले समझौते की संभावना थी, लेकिन ईरान की जिद के कारण अमेरिका को उसकी परमाणु क्षमता पर सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। दूसरी ओर, ईरान की तरफ से वार्ता का नेतृत्व विदेश मंत्री Abbas Araghchi कर रहे हैं, जिन्होंने कहा कि उनका देश निष्पक्ष और सम्मानजनक समझौते के लिए तैयार है, लेकिन दबाव और धमकियों के आगे झुकना स्वीकार्य नहीं है। इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
खाड़ी में बढ़ा तनाव
अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford और USS Abraham Lincoln की पहले ही तैनाती कर दी गई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। खाड़ी देशों ने चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य टकराव की स्थिति पूरे इलाके को एक बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकती है। इस बीच ईरान ने साफ कहा है कि किसी भी परमाणु समझौते में संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व में लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में ढील शामिल होना जरूरी है। तेहरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जबकि अमेरिका इस पर अड़ा है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से हर हाल में रोका जाना चाहिए।
