लेबनान के पूर्वी बेका घाटी में इजराइल के हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 24 अन्य घायल हो गए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इससे पहले दिन में एक फलस्तीनी शरणार्थी शिविर पर हुए इजराइली हमले में दो और लोगों की जान चली गई थी। लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी। वहीं इजराइल का दावा है कि उसने इस क्षेत्र में सक्रिय लेबनानी आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला के कथित “कमान केंद्रों” को निशाना बनाकर कार्रवाई की है, हालांकि इस हमले को लेकर हिजबुल्ला की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
लेबनान के पूर्वी हिस्से में स्थित बेका घाटी में इजराइल के हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। इस हमले के बाद इलाके में तनाव और भय का माहौल फैल गया है।
लेबनान पर जानलेवा हमला
लेबनान की बेका घाटी में इजराइल द्वारा किए गए ताज़ा हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब लेबनान और इजराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार हमले के बाद इलाके में दहशत फैल गई और बचाव दल घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हालात पर चिंता जताते हुए संयम बरतने की अपील की है।
हमले से दहला इलाका
स्थानीय टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित वीडियो में घटनास्थल की भयावह तस्वीरें सामने आई हैं। फुटेज से साफ प्रतीत होता है कि हमले का निशाना एक इमारत थी, जहां आपातकालीन दल आग बुझाने के साथ-साथ मलबे में फंसे जीवित लोगों की तलाश करते नजर आए। इससे पहले शुक्रवार को इजराइल के एक अन्य हमले में बंदरगाह शहर सिडोन स्थित एक फलस्तीनी शरणार्थी शिविर को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
इजराइली सेना Israel Defense Forces ने दावा किया है कि उसने लेबनान के Ain al-Hilweh शिविर में स्थित Hamas के एक कथित कमान केंद्र पर हमला किया है। वहीं हमास ने इस हमले में अपने दो सदस्यों के मारे जाने की पुष्टि की, लेकिन कमान केंद्र को निशाना बनाए जाने के दावे को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। संगठन का कहना है कि जिस इमारत को इजराइली सेना ने निशाना बनाया, वह शिविर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने वाले विभिन्न फलस्तीनी गुटों के उपयोग में थी, न कि उसका कोई सैन्य कमान केंद्र था।
