दुनिया में किसी देश की अहमियत अब केवल उसकी आर्थिक मजबूती या सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि उसकी जिम्मेदारियों से भी आंकी जा रही है। इसी सोच के तहत वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) ने Responsible Nations Index 2026 जारी किया है, जो देशों को देखने का नजरिया बदल देता है। इस इंडेक्स में यह नहीं देखा गया कि कौन-सा देश कितना शक्तिशाली है, बल्कि यह परखा गया कि कौन-सा देश अपने नागरिकों, पर्यावरण और वैश्विक समुदाय के प्रति कितना संवेदनशील और उत्तरदायी है। युद्ध, आर्थिक अस्थिरता और जलवायु संकट से जूझती दुनिया में यह रिपोर्ट उन देशों को सामने लाती है जो संतुलन, नैतिकता और दीर्घकालिक सोच को प्राथमिकता देते हैं।
दुनिया में किसी देश की अहमियत अब सिर्फ उसकी आर्थिक ताकत या सैन्य शक्ति से नहीं आंकी जा रही है, बल्कि उसकी वैश्विक जिम्मेदारी भी एक अहम पैमाना बनती जा रही है। इसी सोच के तहत वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) ने Responsible Nations Index 2026 जारी किया है।
सिंगापुर बना दुनिया का सबसे जिम्मेदार देश
सिंगापुर को दुनिया का सबसे जिम्मेदार देश घोषित किया गया है। यह सूचकांक 154 देशों को उनके प्रशासन की पारदर्शिता, सामाजिक भलाई, पर्यावरण सुरक्षा और वैश्विक जिम्मेदारी जैसे मानदंडों पर परखता है, न कि केवल उनकी आर्थिक या सैन्य ताकत पर। इस रैंकिंग में सिंगापुर ने शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि स्विट्ज़रलैंड और डेनमार्क क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। भारत इस सूची में कुल 16वें नंबर पर रहा है और उसे अमेरिका, चीन जैसे बड़े देशों से ऊपर स्थान मिला है, क्योंकि भारत ने स्वास्थ्य, सामाजिक समानता और पर्यावरणीय प्रयासों में अच्छा प्रदर्शन किया है।
क्या है Responsible Nations Index
Responsible Nations Index एक वैश्विक मूल्यांकन प्रणाली है, जिसके तहत दुनिया के 154 देशों के प्रदर्शन का आकलन किया गया है। इस इंडेक्स की खास बात यह है कि यह पारंपरिक रैंकिंग से अलग हटकर देशों को चार व्यापक मानकों पर परखता है, जिनमें शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और नैतिकता, नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर, पर्यावरण संरक्षण के ठोस प्रयास तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिम्मेदार व्यवहार शामिल हैं। इस सूचकांक में GDP, सैन्य शक्ति या वैश्विक दबदबे को महत्व देने के बजाय जिम्मेदार नेतृत्व और नैतिक शासन को प्राथमिकता दी गई है।
भारत है 16वें स्थान पर
Responsible Nations Index 2026 में भारत ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 154 देशों में 16वां स्थान हासिल किया है। भारत का स्कोर 0.5515 रहा, जो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सामाजिक समावेशन, पर्यावरणीय पहलों और जनहित आधारित नीतियों में हुई प्रगति को दर्शाता है। खास बात यह है कि इस रैंकिंग में भारत अमेरिका और चीन जैसे बड़े देशों से आगे रहा, जबकि पाकिस्तान 90वें और रूस 96वें स्थान पर रहे। यह इंडेक्स इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि किसी देश की असली पहचान उसकी सैन्य या आर्थिक ताकत से नहीं, बल्कि नागरिकों की भलाई, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक शांति के प्रति उसकी जिम्मेदारी से तय होती है, और यही सोच भविष्य में टिकाऊ विकास की मजबूत नींव बन सकती है।
