अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल को 6.67 अरब अमेरिकी डॉलर और सऊदी अरब को 9 अरब अमेरिकी डॉलर के हथियारों की नई श्रृंखला बेचने को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात इन दोनों बड़े हथियार सौदों की घोषणा की, जिनकी जानकारी इससे पहले अमेरिकी संसद को भी दे दी गई थी। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। खास बात यह है कि हथियारों की बिक्री की यह घोषणा उस वक्त हुई है, जब राष्ट्रपति ट्रंप गाजा के लिए अपनी प्रस्तावित युद्धविराम योजना को आगे बढ़ाने की कोशिशों में भी जुटे हुए हैं।
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने इजरायल को 6.67 अरब डॉलर और सऊदी अरब को 9 अरब डॉलर के हथियार बेचने की मंजूरी दे दी है।
अमेरिका ने दी मंजूरी
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर संभावित हमले की तैयारियां तेज हो गई हैं और पूरे क्षेत्र में हथियारों की तैनाती बढ़ रही है, जिसे “हथियारों की बारिश” के रूप में देखा जा रहा है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल और सऊदी अरब के साथ एक बड़ी रणनीतिक और रक्षा डील की है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। जानकारों का मानना है कि इस डील का मकसद ईरान पर दबाव बढ़ाना और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के प्रभाव को मजबूत करना है, हालांकि इससे क्षेत्र में संघर्ष की आशंका भी और गहरा सकती है।
The U.S. State Department approved more than $6.5 billion in potential military sales to Israel.
The deals include $1.98 billion for Joint Light Tactical Vehicles, $3.8 billion for AH-64E Apache helicopters, and a third contract worth $740 million. pic.twitter.com/D3xoOzTMhg
— Clash Report (@clashreport) January 30, 2026
सऊदी अरब का बढ़ेगा क्षेत्रीय योगदान
इस योजना का मुख्य उद्देश्य इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करना और फलस्तीनी क्षेत्रों के पुनर्निर्माण व पुनर्विकास को गति देना है। बीते दो वर्षों से जारी युद्ध में गाजा बुरी तरह तबाह हो चुका है और अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इसी बीच अमेरिका और सऊदी अरब के बीच 730 ‘पैट्रियट’ मिसाइलों और उनसे जुड़े उपकरणों का बड़ा हथियार सौदा तय हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप है, क्योंकि इससे एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश की सुरक्षा मजबूत होगी। मंत्रालय ने कहा कि यह सौदा खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा, साथ ही सऊदी अरब, अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों की थल सेनाओं की रक्षा करेगा और क्षेत्रीय एकीकृत वायु एवं मिसाइल रक्षा प्रणाली में सऊदी अरब के योगदान को और मजबूत बनाएगा।
इजरायल ने खरीदे 30 अपाचे हेलीकॉप्टर
इजरायल ने अपने सैन्य बलों को मजबूत करने के लिए चार अलग-अलग हथियार पैकेज खरीदे हैं, जिनमें 30 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, उनसे जुड़े उपकरण और हथियार तथा 3,250 हल्के सामरिक वाहन शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन सौदों से क्षेत्र में सैन्य संतुलन प्रभावित नहीं होगा, लेकिन ये इज़राइल की वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को बढ़ाएंगे। अमेरिका ने भी दोहराया कि इज़राइल की सुरक्षा उसके राष्ट्रीय हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
