पेरू के चांकाय पोर्ट पर अमेरिका-चीन हुआ आमने-सामने, बढ़ा वैश्विक तनाव

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Published On: 13 February 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पेरू में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अमेरिका का कहना है कि चीन लातिन अमेरिकी देश पेरू के अहम बुनियादी ढांचे पर अपनी पकड़ मजबूत कर उसकी संप्रभुता को नुकसान पहुंचा सकता है। यह बयान पेरू की एक अदालत के हालिया फैसले के बाद आया है, जिसमें चीन द्वारा निर्मित विशाल चांकाय बंदरगाह पर स्थानीय नियामक की निगरानी को सीमित कर दिया गया। लीमा के उत्तर में स्थित यह गहरे पानी का बंदरगाह करीब 1.3 अरब डॉलर की लागत से तैयार किया गया है और इसे लातिन अमेरिका में चीन की बढ़ती रणनीतिक मौजूदगी के बड़े प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि चीन पेरू के रणनीतिक चांकाय बंदरगाह पर अपना नियंत्रण बढ़ाकर देश की संप्रभुता को कमजोर कर सकता है। करीब 1.3 अरब डॉलर की इस बंदरगाह परियोजना को लेकर अमेरिका और चीन के बीच टकराव तेज हो गया है।

चांकाय पोर्ट पर बढ़ा अमेरिका-चीन का तनाव

अमेरिका ने पेरू को कड़ी चेतावनी दी है कि वह चीन के बढ़ते प्रभाव के प्रति सतर्क रहे, खासकर चांकाय (Chancay) बंदरगाह परियोजना को लेकर, जो चीन की मदद से 13 करोड़ डॉलर (1.3 बिलियन डॉलर) में बनाया गया है; वॉशिंगटन का कहना है कि सस्ते चीनी कर्ज़ के जरिए पेरू जैसे देशों की संप्रभुता पर विवादास्पद नियंत्रण बढ़ सकता है और देश अपनी खुद की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा गतिविधियों पर नियंत्रित नहीं रह पाएगा अमेरिका ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “सस्ते चीनी पैसे का मतलब संप्रभुता की भारी कीमत हो सकती है,” जबकि चीन ने इस आलोचना को खारिज किया है और कहा है कि पेरू की राष्ट्रीय सरकार के पास अभी भी नियंत्रण और नियमन का अधिकार है।

अमेरिका ने जताई संप्रभुता की चिंता

पेरू का चांकाय बंदरगाह अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव का केंद्र बन गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के पश्चिमी गोलार्ध मामलों के ब्यूरो ने सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए कहा कि पेरू अपने प्रमुख बंदरगाहों में से एक चांकाय की निगरानी करने में असहाय हो सकता है, क्योंकि यह कथित तौर पर चीनी मालिकों के अधिकार क्षेत्र में है। अमेरिका ने यह भी कहा कि वह पेरू के अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की देखरेख करने के संप्रभु अधिकार का समर्थन करता है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि सस्ते चीनी ऋण की कीमत अक्सर देशों को अपनी संप्रभुता से चुकानी पड़ती है।

अमेरिकी आरोपों पर चीन ने दिया कड़ा पलटवार

यह चिंता ऐसे समय में सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन पश्चिमी गोलार्ध में अपना वर्चस्व मजबूत करने की कोशिशों में जुटा हुआ है, जबकि चीन लंबे समय से भारी कर्ज और व्यापार के जरिए कई देशों में अपना प्रभाव बढ़ाता रहा है। इसी कड़ी में अमेरिका की ओर से लगाए गए आरोपों पर चीन ने कड़ा रुख अपनाया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को दैनिक प्रेस वार्ता में अमेरिकी टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चीन चांकाय बंदरगाह को लेकर अमेरिका द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और दुष्प्रचार का कड़ा विरोध करता है और इसकी सख्त निंदा करता है।

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