पपीता हर किसी के लिए नहीं है सुरक्षित, ये लोग करे परहेज

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Published On: 24 February 2026

पपीता सेहत के लिए बेहद फायदेमंद फल माना जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाने, वजन घटाने और शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करता है। यही वजह है कि कई लोग इसे अपनी रोज़ाना की डाइट में शामिल करते हैं और सुबह खाली पेट खाने की सलाह भी दी जाती है। हालांकि, हर किसी के लिए पपीते का सेवन सुरक्षित नहीं होता। कुछ लोगों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार यह नुकसान भी पहुंचा सकता है। खासकर गर्भवती महिलाओं, एलर्जी से पीड़ित लोगों या कुछ खास बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इसे बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं खाना चाहिए। इसलिए अपनी सेहत की स्थिति को समझे बिना पपीते का सेवन करना परेशानी बढ़ा सकता है और फायदे की जगह नुकसान भी दे सकता है।

पपीता सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को खासकर कच्चा या अधपका पपीता नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद लेटेक्स और पपेन जैसे तत्व गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकते हैं और जटिलताएं बढ़ा सकते हैं।

पपीते के सेवन में सही संतुलन है जरूरी

पपीता पोषक तत्वों से भरपूर फल है, लेकिन यह हर किसी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। खासकर कुछ लोगों की सेहत की स्थिति के अनुसार इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को कच्चे या अधपके पपीते से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें मौजूद लेटेक्स और पपेन जैसे एंजाइम गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकते हैं, जिससे समय से पहले प्रसव या गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को लेटेक्स या पपीते से एलर्जी होती है, उनमें त्वचा पर खुजली, सूजन या सांस से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।

ये लोग करें परहेज

  • गर्भावस्था के दौरान खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में पपीते के सेवन को लेकर भी डॉक्टर सतर्क रहने की सलाह देते हैं। खासकर कच्चे या अधपके पपीते में कुछ ऐसे रसायन पाए जाते हैं, जो गर्भ में पल रहे शिशु के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। इन तत्वों के कारण गर्भपात, समय से पहले प्रसव या अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए विशेषज्ञ गर्भवती महिलाओं को कच्चे पपीते से परहेज करने और किसी भी तरह के फल का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेने की सलाह देते हैं।
  • अगर किसी व्यक्ति को किसी फल या खासकर लेटेक्स से एलर्जी होती है, तो पपीता खाना भी उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे लोगों में पपीता खाने के बाद एलर्जिक रिएक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि इसमें मौजूद लेटेक्स जैसे प्रोटीन शरीर में प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं। इसके लक्षणों में त्वचा पर लाल चकत्ते या खुजली, होंठ या चेहरे में सूजन और सांस लेने में तकलीफ शामिल हो सकती है।
  • पेट की समस्या वाले लोगों के लिए चेतावनी: पपीते की तासीर गर्म होती है, इसलिए जिनका पाचन संवेदनशील है या जिन्हें पेट में जलन, एसिडिटी या गैस की समस्या रहती है, उन्हें पपीता खाने से बचना चाहिए। अगर पपीता खाना जरूरी हो, तो केवल थोड़ी मात्रा में ही लें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • किडनी की समस्या वाले मरीजों को पपीता खाने से पहले सतर्क रहना चाहिए। पपीते में पोटैशियम अच्छी मात्रा में होता है, जो सामान्य लोगों के लिए फायदेमंद है, लेकिन किडनी ठीक से काम न करने वाले लोगों के शरीर में पोटैशियम जमा हो सकता है, जिससे हृदय और अन्य अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए किडनी रोगियों, गर्भवती महिलाओं, एलर्जी वाले और पेट की समस्या वाले लोगों को पपीता केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाना चाहिए।
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