हेल्थ : गर्भावस्था का दौर महिलाओं के लिए बेहद खास होता है, लेकिन हाल के अध्ययनों के अनुसार इस दौरान दिल से जुड़ी समस्याओं, जैसे हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़ रहे हैं। पहले माना जाता था कि गर्भवती महिलाएं दिल की बीमारियों से अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती हैं, लेकिन बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम इस धारणा को बदल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था में महिलाओं को दिल की सुरक्षा के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
गर्भावस्था महिलाओं के जीवन का एक खास और भावनात्मक समय होती है, जिसमें वे अपने आने वाले बच्चे का इंतजार करती हैं। हालांकि यह अवधि सुखद अनुभवों से भरी होती है, साथ ही इसमें कई शारीरिक चुनौतियां भी सामने आती हैं।
प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। इस दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, ब्लड प्रेशर की अस्थिरता और हृदय पर बढ़ता दबाव इसे और अधिक जोखिम भरा बना देता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, असामान्य थकान, चक्कर या उल्टी जैसे लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर सावधानी और डॉक्टर से तुरंत संपर्क लेने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
हालिया आंकड़ों से पता चला है कि 2023 में भारत में हर एक लाख महिलाओं में से लगभग 88 की मृत्यु गर्भावस्था या डिलीवरी से जुड़ी जटिलताओं के कारण हुई, जो कुल मिलाकर करीब 22,500 महिलाओं के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान दिल से जुड़ी समस्याएं अब असामान्य नहीं रहीं और हर 100 गर्भवती महिलाओं में से 1 से 4 को किसी न किसी प्रकार की कार्डियक समस्या हो सकती है। गंभीर मामलों में यह मां और शिशु दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
गर्भावस्था के दौरान रखें दिल का ध्यान
डॉक्टरों के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, खासकर 35 साल के बाद गर्भधारण करने वाली महिलाओं में। मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और आईवीएफ जैसी परिस्थितियां भी दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। गर्भावस्था में शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ने के कारण दिल को दोनों—मां और भ्रूण—की जरूरतें पूरी करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे कभी-कभी दिल से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- गर्भावस्था में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर सामान्य लोगों से अलग या कम स्पष्ट होते हैं।
- सांस फूलना, असामान्य थकान, चक्कर आना, मतली, अधिक पसीना, ऊपरी पेट या पीठ में दर्द जैसे संकेत दिख सकते हैं।
- कई महिलाएं इन्हें सामान्य गर्भावस्था की परेशानियों समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जो खतरनाक हो सकता है।
- ऐसे किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
- क्योंकि समय पर जांच और इलाज से मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
