आज है विजया एकादशी, जीवन में सफलता और समृद्धि पाने का पवित्र अवसर; जानें महत्व और शुभ मुहूर्त

Author Picture
Published On: 13 February 2026

हिंदू धर्म में विजया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इसे “विजय दिलाने वाली एकादशी” भी कहा जाता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है और यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो शत्रुओं, बाधाओं या कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। पद्म पुराण के अनुसार, विजया एकादशी का फल वाजपेयी यज्ञ के समान पुण्यकारी होता है। इस व्रत के पालन से न केवल सफलता प्राप्त होती है, बल्कि मन और परिवार में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु को समर्पित विजया एकादशी का पवित्र व्रत मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से व्यक्ति को शत्रु, बाधा और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है तथा अध्यात्मिक बल की प्राप्ति होती है। भक्त पूरे दिन निर्जल व्रत रखकर भगवान विष्णु का ध्यान, पूजा और भजन करते हैं।

विजया एकादशी

विजया एकादशी धार्मिक पर्व है, जिसे हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन विशेष रूप से व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त अपने जीवन में सुख, समृद्धि और बुद्धि की वृद्धि के लिए उपाय करते हैं। विजया एकादशी को धन, धर्म और मोक्ष की प्राप्ति का अवसर माना जाता है, इसलिए मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है और घरों में विशेष पूजा विधि अपनाई जाती है। इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर व्रती स्नान और शुद्धि के बाद अन्न और जल का सेवन न्यूनतम रखते हैं और पूरे दिन भगवान विष्णु का ध्यान और मंत्र जाप करते हैं।

महत्व

विजया एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसे हर माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और उसे आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं। पुराणों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा करने और भक्ति में लीन होने से मनुष्य के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता आती है। विशेष रूप से व्यवसायियों और विद्यार्थियों के लिए यह दिन शुभ माना जाता है क्योंकि इसे नए कार्य की शुरुआत के लिए अनुकूल समय माना जाता है। इस एकादशी का पालन करने से मानसिक शांति और धार्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है।

शुभ मुहूर्त

विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह व्रत हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस वर्ष एकादशी की तिथि 12 फरवरी दोपहर 12:22 बजे से प्रारंभ होकर 13 फरवरी दोपहर 2:25 बजे तक रहेगी। इसलिए, उदय तिथि के अनुसार यह व्रत 13 फरवरी को ही रखा जाएगा।

पूजा विधि

  • विजया एकादशी के दिन व्रती सुबह स्नान के समय पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर हर-हर गंगे का उच्चारण करें और पीले या सफेद वस्त्र धारण करें।
  • घर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर स्थापित करें,
  • उन्हें पीले पुष्प अर्पित करें, तिलक लगाएं, अक्षत चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं।
  • इसके बाद व्रत का संकल्प लेकर तुलसी की माला से 108 बार “ऊं नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. MPNews इनकी पुष्टि नहीं करता है।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp