भोपाल | राजधानी भोपाल की जल जीवन रेखा कहे जाने वाला बड़ा तालाब अब मात्र 3.6 फीट खाली रह गया है। बुधवार सुबह तक इसका जलस्तर 1663.20 फीट तक पहुंच गया। बीते दिनों कोलांस नदी में आए उफान और कैचमेंट क्षेत्र में हुई लगातार बारिश की बदौलत जलस्तर तेजी से चढ़ रहा है। हालांकि बारिश की रफ्तार कुछ थमी है, लेकिन शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या अभी भी बरकरार है।
कालोनियों में भरा पानी
कोलार रोड की जानकी सोसायटी और मंदाकिनी चौराहा, शिवनगर, करोंद, और अयोध्या बायपास की कई रिहायशी कॉलोनियों में 2 से 3 फीट तक पानी भरा हुआ है। जानकी सोसायटी के पूरे बेसमेंट में पानी भर गया, जिससे दर्जनों टू-व्हीलर जलमग्न हो गए हैं। मंदाकिनी चौराहे की कई बिल्डिंग्स के बेसमेंट भी पानी में डूबे हुए हैं। अयोध्या बायपास स्थित इको ग्रीन पार्क में भले ही जलभराव कुछ कम हुआ है, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
कोलांस नदी ने दिखाया कहर
सीहोर और भोपाल के कैचमेंट इलाकों में हो रही बारिश की वजह से कोलांस नदी बुधवार को करीब 10 फीट ऊपर बहने लगी। इसका सीधा असर बड़े तालाब के जलस्तर पर पड़ा है, जो अब तेजी से भरता जा रहा है। जैसे ही तालाब पूरी तरह भर जाएगा, भदभदा डैम के गेट खोलने की तैयारी की जाएगी, जिससे पानी सीधे कलियासोत डैम में भेजा जाएगा।
डैमों का हाल
बड़ा तालाब की कुल क्षमता 1666.80 फीट है। बुधवार सुबह तक यह 1663.20 फीट तक भर चुका है। कोलार डैम, जिससे भोपाल की 40% आबादी को पानी मिलता है, अभी भी काफी खाली है। यहां सिर्फ 1496.42 फीट पानी भरा है, जबकि इसकी कुल क्षमता 1516.40 फीट है। केरवा डैम लगभग भर चुका है, जिसमें अब तक 1659.90 फीट पानी जमा है। इसकी पूरी क्षमता 1673 फीट है। कलियासोत डैम अभी भी करीब 9 फीट खाली है। इसमें 1649.93 फीट पानी भरा है, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 1659.02 फीट है।
डैम टेस्टिंग शुरू
कलियासोत डैम में बढ़ती जलआवक को देखते हुए मंगलवार को एक गेट खोला गया। यह टेस्टिंग के तौर पर किया गया, जिससे कलियासोत नदी में बहाव शुरू हो गया है। भोपाल में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन बढ़ते जलस्तर के साथ सावधानी और सतर्कता जरूरी है।
