किसानों, विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर निकाली जा रही 200 किलोमीटर लंबी जन चेतना पदयात्रा सोमवार को इटारसी पहुंची। मध्य प्रदेश एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में चल रही इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पदयात्रा के इटारसी पहुंचने पर लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया और अपने क्षेत्र की समस्याओं को सीधे नेतृत्व के सामने रखा। पदयात्रा के दौरान युवाओं और किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला।
जन चेतना पदयात्रा के जरिए प्रदेश में शिक्षा, कृषि और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जा रहा है। पदयात्रा में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी और नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से रखी जा रही है। इसके साथ ही कृषि शोध विश्वविद्यालय की स्थापना और बंद पड़ी सहकारी मिलों को दोबारा शुरू करने जैसे विषय भी यात्रा का अहम हिस्सा बने हुए हैं।
इटारसी पहुंची 200 किमी लंबी जन चेतना पदयात्रा
पदयात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और नर्मदा नदी की सुरक्षा का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया जा रहा है। यात्रा में शामिल लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी प्रदेश की जीवन रेखा है और इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है। पदयात्रा के मंच से यह संदेश दिया जा रहा है कि पर्यावरण और जल स्रोतों की सुरक्षा केवल सरकार ही नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।
युवाओं और किसानों को जोड़ने की कोशिश
इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग वर्गों को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं को सामने लाना बताया जा रहा है। पदयात्रा में शामिल युवाओं का कहना है कि यह यात्रा रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुधार जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा का अवसर दे रही है। वहीं किसानों ने कृषि लागत बढ़ने और फसलों के उचित दाम नहीं मिलने की समस्या को प्रमुख रूप से उठाया।
लगातार आगे बढ़ रही पदयात्रा
नेतृत्व का कहना है कि जन चेतना पदयात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम जनता की आवाज को मजबूती देने का प्रयास है। यात्रा का मकसद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए संघर्ष करना है। पदयात्रा लगातार आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी लोगों से संवाद किया जाएगा।
