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MP के 16 जिलों में 227 करोड़ का बिल बाकी, 2 मंत्रियों के विभागों के नाम सबसे ऊपर

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Published On: 27 October 2025

MP के सरकारी दफ्तरों पर बिजली कंपनी का बकाया बढ़ता ही जा रहा है। अब ताजा आंकड़ों ने चौंका दिया है। प्रदेश के 16 जिलों में नगरीय विकास और पंचायत विभाग पर कुल 227 करोड़ रुपए का बिजली बिल बाकी है। इनमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के विभाग सबसे आगे हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने दोनों विभागों को बार-बार पत्र लिखकर बिल चुकाने की अपील की है, लेकिन रकम अब तक अटकी हुई है।

अगस्त तक बकाया 406 करोड़ रुपए

कंपनी के मुताबिक अगस्त 2025 तक सरकारी विभागों पर कुल 406 करोड़ रुपए का बकाया था। यह रकम 73 हजार से ज्यादा बिजली कनेक्शनों से जुड़ी है, जो सरकारी दफ्तरों, पंचायत भवनों और शहरी निकायों में लगी हैं। इनमें सबसे ज्यादा कनेक्शन पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के हैं। 16,049 कनेक्शनों पर करीब 102.32 करोड़ रुपए का बिल नहीं भरा गया है। वहीं नगरीय विकास विभाग, जिसके मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हैं, उस पर 125.62 करोड़ रुपए की राशि बाकी है।

बिजली कंपनी का दबाव

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी क्षितिज सिंघल ने सभी संबंधित विभागों को फिर से पत्र भेजा है। उन्होंने साफ कहा है कि बिल तुरंत जमा करें, वरना वसूली की कार्रवाई करनी पड़ेगी। अधिकारियों का कहना है कि अब तक जो आंकड़ा अगस्त तक का था, वो अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक बढ़कर 500 करोड़ रुपए के पार पहुंच सकता है। वजह यह है कि कई विभाग पिछले महीनों का बिल भी समय पर जमा नहीं कर रहे हैं।

क्र. विभाग का नाम संख्या बकाया राशि (करोड़ रुपये)
1 नगरीय विकास, आवास 12034 125.62
2 पंचायत, ग्रामीण विकास 17049 102.32
3 पीएचई 445 11.35
4 नर्मदा घाटी विकास 4 0.086
5 गृह विभाग 2070 10.49
6 स्कूल शिक्षा 18539 29.64
7 किसान कल्याण, कृषि 381 2.39
8 वन 766 4.30
9 स्वास्थ्य 1910 21.07
10 ट्राइबल 2805 6.87
11 राजस्व 485 3.76
12 लोक निर्माण 541 4.29
13 उच्च शिक्षा 331 1.56
14 जल संसाधन 497 13.97
15 महिला, बाल विकास 9965 34.45
16 अन्य विभाग 5078 34.21
17 कुल 72900 406.36

अन्य विभाग भी नहीं बचे

  • पंचायत और नगरीय विकास विभाग ही नहीं, कई और मंत्रालयों पर भी मोटा बकाया चढ़ा हुआ है।
  • महिला और बाल विकास विभाग (मंत्री निर्मला भूरिया)
  • स्कूल शिक्षा विभाग (मंत्री उदय प्रताप सिंह)
  • लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग (डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल)
  • इन सभी विभागों को भी बिजली कंपनी ने नोटिस भेजा है।

हुई चर्चा

सवाल खड़े हो रहे हैं कि आम लोगों से अगर बिल की एक किस्त भी देर हो जाए, तो तुरंत कनेक्शन काट दिया जाता है, लेकिन सरकारी विभाग सालों से करोड़ों के बकाए पर भी आराम से बिजली का मजा ले रहे हैं। अब जनता के बीच यही चर्चा है, “जब सरकार खुद बिल नहीं भरती, तो आम आदमी से कैसे उम्मीद की जाए?” सरकारी दफ्तरों के ये बकाया अब बिजली कंपनी के लिए बड़ी चिंता बन गए हैं। अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो कई दफ्तरों में बिजली गुल होने की नौबत भी आ सकती है।

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