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भोपाल में हिंदू उत्सव समिति की अपील; “सनातनी दिवाली मनाएं, हिंदू व्यापारियों से ही करें खरीदारी”

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Published On: 15 October 2025

राजधानी भोपाल के बाजारों में इस बार दिवाली से पहले धार्मिक रंग देखने को मिल रहा है। बुधवार को हिंदू उत्सव समिति के पदाधिकारी और संतों ने न्यू मार्केट में पहुंचकर लोगों से सनातनी दिवाली मनाने की अपील की। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में यह समूह पोस्टर लेकर बाजार में उतरा और ग्राहकों से कहा कि वे त्योहार की खरीदारी सिर्फ हिंदू व्यापारियों से ही करें।

एकजुटता का प्रतीक

चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हर साल दिवाली का त्योहार धर्म, संस्कृति और एकजुटता का प्रतीक होता है, लेकिन अब इसे कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का अपमान करते हैं, ऐसे में जरूरी है कि सनातनी लोग एकजुट हों और अपनी आस्था के अनुरूप ही खरीदारी करें। तिवारी ने ग्राहकों से अपील की, “जो लोग हिंदुओं को काफिर कहते हैं, जो मस्जिदों से फतवे जारी करते हैं, उनसे लेन-देन से बचें। त्योहार हमारा है, इसलिए खरीदारी भी अपने लोगों से करें।”

ग्राहकों से बातचीत

समिति के सदस्यों ने न्यू मार्केट में घूमकर दुकानदारों और ग्राहकों से बातचीत की। व्यवहार और त्योहार दोनों सनातनियों के साथ बनाएं जैसे नारों वाले पोस्टर भी लोगों को दिखाए गए। कई दुकानदारों ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि यह अभियान लोगों में अपने धर्म और परंपराओं के प्रति जागरूकता लाने का काम कर रहा है।

हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने इस मुहिम को शहरभर में चलाने की योजना बनाई है। तिवारी ने बताया कि आने वाले दिनों में वे भोपाल के सभी प्रमुख बाजारों जैसे चौक बाजार, बिट्टन मार्केट, 10 नंबर मार्केट और टीटी नगर में जाएंगे और लोगों से इसी तरह की अपील करेंगे।

सनातनी व्यापारियों को प्रोत्साहित

उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य किसी के खिलाफ माहौल बनाना नहीं है, बल्कि हिंदू समाज को अपनी जड़ों से जोड़ना और स्थानीय सनातनी व्यापारियों को प्रोत्साहित करना है। तिवारी ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग त्योहार का असली अर्थ समझें, यह केवल रोशनी और मिठाइयों का नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति के प्रति निष्ठा का पर्व है।”

दिवाली से पहले इस तरह के अभियान से भोपाल के बाजारों में चर्चा तेज हो गई है। जहां कुछ लोग इसे धार्मिक जागरूकता का प्रयास मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे समाज में विभाजन फैलाने वाली पहल भी कह रहे हैं। बावजूद इसके, समिति का कहना है कि उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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