MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल बसाहट के बाद अब असम के जंगली भैंसे को भी मध्यप्रदेश के जंगलों में लाने की तैयारी की जा रही है, जिससे जैव-विविधता को और मजबूती मिलेगी।
बुधवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर असम से जंगली भैंसा मध्यप्रदेश लाने से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य के जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन को भी मजबूत करेगा।
MP के जंगलों में दिखेगा भैंसा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं, सुरक्षा और देखरेख से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से बात हुई। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण और जैव-विविधता संवर्धन के लिए केंद्र सरकार के सहयोग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को देश में वन्यजीव संरक्षण का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।
किसान कल्याण वर्ष पर केंद्र से संवाद
इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों के हित में किसान कल्याण वर्ष मना रही है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को प्रदेश में गेहूं उपार्जन और भंडारण की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं की खरीदी सरल प्रक्रिया के तहत की जाती है और पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था पहले से मौजूद है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
