सतना जिले में प्रशासन ने ट्रैफिक को व्यवस्थित करने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने आदेश जारी करते हुए सिंहपुर से सतना के बीच करसरा-रैगांव रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब इस मार्ग पर ट्रक, डंपर और बड़े लोडिंग वाहन नहीं चल सकेंगे। कलेक्टर के आदेश के मुताबिक, सिंहपुर की ओर से आने-जाने वाले सभी भारी वाहनों को अब नागौद मार्ग से होकर गुजरना होगा। यानी, ट्रक और डंपर सीधे सिंहपुर-रैगांव रोड से नहीं गुजर पाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इस सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें टूट रही थीं और हादसों की संभावना भी बढ़ गई थी, इसलिए यह कदम जरूरी था।
आदेश में कुछ वाहनों को इस रोक से राहत दी गई है। गेहूं, धान, खाद, पीडीएस से जुड़ी सप्लाई, दूध परिवहन, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य शासकीय विभागों से जुड़े वाहन इस आदेश से बाहर रहेंगे। यानी, जनता की जरूरी जरूरतों से जुड़ा कोई भी परिवहन कार्य बाधित नहीं होगा। कलेक्टर ने साफ किया कि इन वाहनों को रोकने का उद्देश्य नहीं है, बल्कि बिना वजह सड़क पर भार डालने वाले भारी ट्रकों और डंपरों को नियंत्रित करना है।
लेनी होगी लिखित अनुमति
अगर किसी विशेष परिस्थिति में भारी वाहन को इस मार्ग से ले जाना जरूरी हो, तो वाहन स्वामी या चालक को पहले अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) रघुराजनगर ग्रामीण से लिखित अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही वाहन को सीमित समय के लिए सड़क पर चलने की मंजूरी मिलेगी।
यह आदेश मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 115 और मध्यप्रदेश मोटर यान नियम 1994 के नियम 215 के तहत जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित चालकों और वाहन मालिकों पर जुर्माना या कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य
प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय का मकसद सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और गांवों के बीच के संकरे रास्तों पर वाहनों की भीड़ कम करना है। करसरा-रैगांव मार्ग पर अक्सर बड़े वाहनों की वजह से जाम और हादसे की स्थिति बन जाती थी। अब उम्मीद है कि सड़कें सुरक्षित रहेंगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।
