मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में उच्च शिक्षा और विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार प्रदान करने वाला बनाना है। इसी दिशा में विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं और छात्रों को आवागमन में सुविधा देने के लिए नि:शुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
CM ने किया भूमिपूजन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 55 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले आईटी रिसोर्स सेंटर, स्टूडियो, कन्वेंशन हॉल, इंक्यूबेशन सेंटर, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और कन्या छात्रावास का भूमिपूजन किया। यह सभी परियोजनाएं प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के अंतर्गत पूरी की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने गणपति बप्पा और माता सरस्वती की वंदना के साथ संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत अब किसी पर निर्भर नहीं है, बल्कि दुनिया के लिए मिसाल बन रहा है।
विकास की नई सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल को विकास की नई सौगातें मिल रही हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट के साथ बीईएमएल की अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण इकाई का भूमि-पूजन हो चुका है, जहां भविष्य में हाईस्पीड रेल कोच तैयार होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि भोपाल की बड़ी झील में जल्द ही कश्मीर की तरह शिकारे चलाए जाएंगे, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं इंदौर, जबलपुर और रीवा से भोपाल को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड हाईवे भी तेजी से बन रहे हैं।
प्यारे विद्यार्थियों,
बड़े सपने देखिए, हम हर कदम पर आपके साथ खड़े हैं…आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल में ‘पीएम-उषा परियोजना’ के अंतर्गत नवीन कन्या छात्रावास, कृषि भवन तथा आईटी पार्क का भूमि-पूजन एवं सत्र 2025-26 के दीक्षारंभ कार्यक्रम में सहभागिता कर शुभकामनाएं दीं।
इस… pic.twitter.com/d4n0XFMiBC
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 3, 2025
राज्य में उद्योग और रोजगार के अवसरों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्रा पार्क का निर्माण हो रहा है, जिससे किसानों की कपास की फसल की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य है कि मध्यप्रदेश के युवा फैशन डिजाइनिंग और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में अग्रणी भूमिका निभाएं। इसके लिए दिल्ली में निवेशकों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है।
विजन प्रस्तुत
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए जो विजन प्रस्तुत किया था, उसके परिणाम अब जमीन पर दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि गरीब और पिछड़े छात्रों के लिए सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज की स्थापना की जा रही है। साथ ही अब राज्य के विश्वविद्यालयों में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने और विभिन्न भारतीय भाषाओं को पाठ्यक्रम में क्रेडिट प्रणाली से शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
CM का आभार
इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने भोपाल के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन ने बताया कि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की सौगात मिल रही है। इनमें से 55 करोड़ की परियोजनाओं का भूमिपूजन आज किया गया है।
गौरतलब है कि पीएम-उषा योजना के तहत प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए 565 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को इसमें से 100 करोड़ की राशि मिली है, जो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
