नवरात्र पर्व के दौरान राजधानी भोपाल में गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उत्साह चरम पर रहने वाला है। ऐसे में जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार आयोजन समितियों को पुख्ता इंतज़ाम सुनिश्चित करने होंगे, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।
आदेश के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को पहचान पत्र के सत्यापन के बिना कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सके और किसी भी प्रकार की अवांछित घटना को रोका जा सके।
सीसीटीवी अनिवार्य
आयोजन समितियों को निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, पंडालों में अग्निशमन यंत्र और अन्य अग्नि सुरक्षा इंतज़ाम उपलब्ध कराने होंगे। सभी आयोजनों में फायर सेफ़्टी मानकों का पालन करना आवश्यक रहेगा।
प्राथमिक उपचार
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आयोजन स्थल पर प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। साथ ही, विद्युत सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य मानकों के अनुरूप कराए जाएंगे। इस संबंध में आयोजकों को विद्युत विभाग से प्रमाण पत्र लेना भी ज़रूरी होगा।
भोपाल में दुर्गा उत्सव पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश जारी
दुर्गा उत्सव पर्व 2025 के दौरान भोपाल जिले में गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश किए जारी @JansamparkMP #Bhopal pic.twitter.com/dVeJ2QxOHV
— Collector Bhopal (@CollectorBhopal) September 22, 2025
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि आयोजन स्थलों पर किसी भी व्यक्ति को संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तुएं और घातक हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों की ज़िम्मेदारी होगी कि वे इसकी सख्ती से जांच करें।
उल्लंघन पर होगी कार्यवाही
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि यदि आयोजन समितियाँ इन नियमों का पालन नहीं करतीं तो वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इन निर्देशों का मकसद जनता की सुरक्षा और त्योहार की गरिमा को बनाए रखना है।
दुर्गा उत्सव पर भोपाल प्रशासन की ओर से दिए गए ये दिशा-निर्देश त्योहार की सुरक्षा, शांति और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए हैं। जिला प्रशासन ने सभी आयोजक समितियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए त्योहार को उत्साह और अनुशासन के साथ मनाएं।
