भोपाल में मोहन सरकार के मंत्रियों और शासकीय सेवकों को मिलने वाले यात्रा भत्ते के भुगतान में बड़ा बदलाव किया गया है। वित्त विभाग ने नए नियम जारी करते हुए कहा है कि अब किसी भी यात्रा भत्ते के लिए फिजिकल चेक स्वीकार नहीं किए जाएंगे। भुगतान पूरी तरह ई-चेक (E-Check) के माध्यम से होगा। पहले यह भुगतान फॉर्म-23 भरकर किया जाता था और चेक के जरिए राशि दी जाती थी।
वित्त विभाग ने कोषालय नियम 2020 में संशोधन कर यह व्यवस्था लागू की है। नए नियमों के तहत पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान भी ई-हस्ताक्षर (E-Signature) के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा, अब किसी विभाग का नया खाता खोलने के लिए वित्त विभाग की पूर्व अनुमति जरूरी होगी।
भोपाल: बंद करने का अधिकार
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पांच साल तक किसी खाते में लेन-देन नहीं होने पर उसे बंद करने का अधिकार केवल वित्त विभाग का होगा। साथ ही, किसी खाते में राशि जमा होने पर ब्याज लेना है या नहीं, इस पर भी वित्त विभाग का निर्णय मान्य होगा। यह कदम सरकारी वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सिक्योरिटी जमा के लिए नए दस्तावेज मान्य
सरकार को नुकसान से बचाने के लिए अब सिक्योरिटी जमा की नई व्यवस्था लागू की गई है। अब सिक्योरिटी राशि सावधि जमा रसीद (FD Receipt), राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) या वित्त विभाग द्वारा निर्धारित अन्य प्रपत्रों के माध्यम से स्वीकार की जाएगी। इन दस्तावेजों की पुष्टि कोषालय अधिकारी द्वारा की जाएगी।
सरकारी वित्तीय पारदर्शिता पर प्रभाव
नए नियमों के लागू होने से सरकारी खातों की पारदर्शिता और नियंत्रण में सुधार होगा। मंत्रियों और अधिकारियों के यात्रा भत्ते अब सीधे ई-चेक के जरिए ट्रैक किए जा सकेंगे, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और रिकॉर्डेड होगी। यह कदम वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।
