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भोपाल कलेक्टर ने सौंपी जिम्मेदारी, कहा- “डोर-टू-डोर जाकर करें काम”

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Published On: 6 November 2025

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को भी मैदान में उतारा गया है। अधिकारी बीएलओ के साथ मिलकर लोगों के घर-घर पहुंच रहे हैं और वोटर्स को फॉर्म दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान वोटर्स के सवालों और शंकाओं का वहीं मौके पर समाधान भी किया जा रहा है।

कलेक्टर ने साफ कहा, “जो अधिकारी या कर्मचारी ड्यूटी में ढिलाई करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने बताया कि अब तक एक कर्मचारी को बर्खास्त किया जा चुका है और सभी बीएलओ को चेतावनी दी गई है कि कोई भी बिना बताए अनुपस्थित मिला तो सस्पेंड कर दिया जाएगा।

2003 के बाद पहली बार ऐसा सर्वे

दिलचस्प बात यह है कि साल 2003 के बाद पहली बार वोटर लिस्ट का इतना बड़ा सर्वे किया जा रहा है। कलेक्टर सिंह के मुताबिक, इस बार विशेष ध्यान उन लोगों पर है जिनका नाम 2003 की लिस्ट में नहीं था लेकिन अब शामिल है। ऐसे मामलों में मतदाता को यह बताना होगा कि परिवार में किस सदस्य का नाम पहले सूची में था। बीएलओ दी गई जानकारी को जांचेंगे, और जानकारी सही मिलने पर ही नाम जोड़ा जाएगा।

किसी से दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे

इस प्रक्रिया में मतदाताओं से कोई दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। बीएलओ घर-घर जाकर जो जानकारी लेंगे, उसे गणना पत्रक में दर्ज करेंगे। इसी के आधार पर सत्यापन किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अगर इस प्रक्रिया में लापरवाही करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

एसआईआर सर्वे कैसे होगा

मतदाताओं को एक गणना पत्रक दिया जाएगा जिसमें नाम, पता, उम्र, EPIC नंबर जैसी जानकारियां भरनी होंगी। अगर किसी परिवार का सदस्य अब इस क्षेत्र में नहीं रहता, या उसकी मृत्यु हो चुकी है, तो वह जानकारी भी फॉर्म में दर्ज करनी होगी। ऐसे मामलों की जांच एसडीएम या विधानसभा प्रभारी अधिकारी करेंगे। अगर जरूरी हुआ तो संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे जाएंगे।

यहां देख सकते हैं 2003 की लिस्ट

  • पुरानी वोटर लिस्ट ऑनलाइन देखी जा सकती है। इसके लिए https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
  • वहां SIR ऑप्शन चुनें, फिर राज्य और विधानसभा क्षेत्र का चयन करें। इसके बाद पोलिंग बूथ या मोहल्ले के आधार पर अपना नाम सर्च करें।
  • यहां आपको 2003 और वर्तमान लिस्ट दोनों की पूरी जानकारी मिल जाएगी।

पूरी प्रक्रिया का टाइमटेबल

  • डोर-टू-डोर सर्वे एक महीने तक चलेगा। इसके बाद दिसंबर में प्रारंभिक सूची जारी की जाएगी।
  • अगर किसी को अपने नाम, पते या अन्य जानकारी में आपत्ति या सुधार करवाना हो तो वे 3 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
  • अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी
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