भोपाल | जयप्रकाश जिला अस्पताल में स्थापित की जा रही इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की तैयारियों का बुधवार को निरीक्षण किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की स्थिति देखी और संचालन में हो रही देरी पर असंतोष जताया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर इस नई लैब को पूरी तरह कार्यशील किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज जांच के लिए आते हैं, ऐसे में सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच एक ही स्थान पर उपलब्ध होना न केवल सुविधाजनक होगा, बल्कि समय की भी बचत करेगा।
तत्काल समाधान के निर्देश
इंटीग्रेटेड लैब को जिला अस्पताल की दूसरी मंजिल पर तैयार किया गया है, जबकि मौजूदा लैब अभी पहली मंजिल पर संचालित हो रही है। स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी उपकरण और स्टाफ को जल्द दूसरी मंजिल पर शिफ्ट किया जाए, ताकि पुराने स्थान पर नवीनीकरण कार्य शुरू किया जा सके। इस रिनोवेशन को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन राकेश श्रीवास्तव, पैथोलॉजिस्ट नीता जैन, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि और सिविल इंजीनियर भी मौजूद थे। निरीक्षण में न केवल लैब की स्थिति देखी गई, बल्कि अस्पताल परिसर की अन्य व्यवस्थाओं पर भी नजर डाली गई। टंकियों की सफाई, छतों पर पानी के जमाव और सीपेज जैसी समस्याओं पर भी तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए हैं।
सफाई और जांच
स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि सप्ताह में एक दिन छत और पानी की टंकियों की सफाई और जांच अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि मानसून के दौरान संक्रमण और सीलन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
यह इंटीग्रेटेड हेल्थ लैब आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जहां हेमेटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, साइटोलॉजी और क्लिनिकल पैथोलॉजी जैसी सभी जांचें एक ही जगह होंगी। इससे मलेरिया, टीबी, एचआईवी समेत अन्य बीमारियों की सटीक और त्वरित जांच संभव हो सकेगी। अस्पताल प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि तय समयसीमा में यह सुविधा मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।
