मुरैना के रवि कुमार शर्मा ने 19 अक्टूबर 2020 को मुरैना से निजामुद्दीन जाने के लिए भोपाल एक्सप्रेस का ऑनलाइन टिकट बुक किया था। टिकट के साथ सिर्फ 45 पैसे का ट्रेवल इंश्योरेंस भी लिया गया था। 21 अक्टूबर 2020 की रात लगभग 3:20 बजे तेज बारिश और अंधेरे के बीच मुरैना रेलवे स्टेशन पर बिजली गुल थी। प्लेटफॉर्म पर कोच नंबर बताने वाला डिस्प्ले बोर्ड भी बंद था।
रवि अपने आवंटित डी-1 कोच तक पहुंचे तो गेट बंद मिला। वे दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगा ही रहे थे कि ट्रेन अचानक चल पड़ी। पायदान पर चढ़ चुके रवि कुमार का पैर फिसल गया और वे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। उन्हें तुरंत 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भोपाल एक्सप्रेस हादसा
घटना की जानकारी पत्नी मनीषा शर्मा ने आईआरसीटीसी को दी। निर्देश मिलने पर उन्होंने अगस्त 2021 में बीमा कंपनी बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ क्लेम किया। बावजूद इसके, बीमा कंपनी ने अब तक मुआवजा देने से इनकार किया।
परिजन अब उपभोक्ता फोरम तक पहुंचे हैं। उनका कहना है कि घटना पूरी तरह रेलवे और बीमा कंपनी की लापरवाही का परिणाम है। प्लेटफॉर्म और कोच गेट बंद होने के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने उचित मुआवजा न मिलने पर न्याय की मांग की है।
रेलवे सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने रेलवे सुरक्षा और प्लेटफॉर्म व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोच नंबर डिस्प्ले, गेट संचालन और प्लेटफॉर्म लाइटिंग जैसी जरूरी व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है।
परिजन चाहते हैं कि बीमा कंपनी तुरंत क्लेम का भुगतान करे और रेलवे प्रशासन भी ऐसी सुरक्षा कमियों को दूर करे। परिवार का कहना है कि ट्रेवल इंश्योरेंस लेने का मकसद यही था कि किसी अप्रिय घटना में आर्थिक मदद मिले।
