भोपाल में नाबालिग से रेप मामले में गिरफ्तार वकील यावर खान के खिलाफ ईदगाह हिल्स में रहने वाली पड़ोसन ने भी छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि शाहजहांनाबाद पुलिस ने मामले की जांच के बाद शिकायत को नस्ती कर दिया था।
मामला 20 जनवरी 2023 से शुरू हुआ जब एक नाबालिग लड़की लापता हो गई थी। तीन दिन बाद, 23 जनवरी 2025 को उसे अशोक नगर के ईशागढ़ से बरामद किया गया। पीड़िता के माता-पिता का निधन हो चुका था। कोर्ट में दिए अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि उसे बेचा गया और देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया।
भोपाल नाबालिग
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने 31 जनवरी 2025 को 31 लोगों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इस एफआईआर के तहत आरोपियों पर गंभीर कार्रवाई की जा रही है।
गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट में जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने निर्देश दिए कि ट्रायल कोर्ट में गवाही जारी रहेगी, लेकिन बिना हाईकोर्ट की अनुमति के कोई भी फैसला सुनाया नहीं जाएगा। कोर्ट ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लेने का निर्देश भी दिया। अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की गई है। इससे यह स्पष्ट हो गया कि हाईकोर्ट मामले की निगरानी कर रहा है और ट्रायल प्रक्रिया पर पूरी तरह नजर रखेगा।
कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा
अदालत के इस निर्देश से यह सुनिश्चित होगा कि पीड़िता की सुरक्षा बनी रहे और ट्रायल में निष्पक्षता बनी रहे। वकील और अन्य आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं के तहत जांच जारी है।
