राजधानी में चल रहे मछली परिवार से जुड़े ड्रग्स और लव जिहाद के आरोपों के बीच भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा आरोप लगाया है कि उनकी बदनामी के लिए सोशल मीडिया पर जानबूझकर एडिट किए हुए वीडियो और तस्वीरें फैलायी जा रही हैं। शर्मा ने कहा कि अब तकनीक का इस्तेमाल कर लोग किसी की भी छवि खराब कर रहे हैं और वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
छवि बिगाड़ने की साजिश
सांसद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हालिया वायरल वीडियो में कुछ चेहरों को जोड़-तोड़ कर पेश किया गया और कई नेताओं के नाम काटकर सिर्फ एक नाम को हाइलाइट किया गया। उनका कहना था कि यह काम एआई व फोटोशॉप के जरिए किया गया है। शर्मा ने कहा कि भोपाल की जनता मेरा आचरण अच्छी तरह जानती है; मैंने पार्षद व महापौर रहकर शहर की सेवा की है और जनता ने मुझे संसद तक पहुंचाया है। इसलिए कुछ लेखे-जोखे कर के मेरी छवि धूमिल नहीं की जा सकती।
शिकायतें दर्ज
आलोक शर्मा ने बताया कि कई जनप्रतिनिधियों ने इस तरह के वीडियो के खिलाफ शिकायतें पुलिस में दर्ज करवाई हैं। उन्होंने विशेषकर विधायक रामेश्वर शर्मा और मंत्री कृष्णा गौर के भी शिकायत दर्ज कराने का जिक्र किया। सांसद ने कहा कि जिन लोगों ने यह वीडियो बनाये और सोशल मीडिया पर फैलाये, उनके नाम सामने आ चुके हैं और पुलिस पूछताछ में वे खुलासा कर देंगे।
पुलिस कार्रवाई की चेतावनी
सांसद ने साफ कहा कि वे किसी को बख्शेंगे नहीं। उन्होंने मज़ाक में कहा कि अगर चाहें तो वे खुद पुलिस कंट्रोल रूम में जाकर बैठकर भी इस मामले की जांच करवा देंगे ताकि जल्दी से सच सामने आ सके। उनका कहना था कि “जो लोग गलत काम करते हैं और दूसरों की छवि खराब करते हैं, उनका अंजाम भी साफ़ है।”
राजनीति का नया तनाव
यह मामला दिखाता है कि राजनीति में अब तकनीक भी मुद्दा बन गई है। एआई और फोटो एडिटिंग का दुरुपयोग किसी की राजनैतिक छवि बिगाड़ने के लिए किया जा सकता है। आलोक शर्मा ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून को पूरा करने की बात कही। पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।
