भोपाल | राजधानी भोपाल नगर निगम ने शहर में बिना किसी रुकावट के जारी अपने “डॉग स्क्वॉड” अभियान के तहत मंगलवार और बुधवार को कुल 86 आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी केंद्रों में भेजा। ये कार्रवाई नगरपालिका आयुक्त के निर्देश पर की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करना और मनुष्यों व जानवरों दोनों की सुरक्षा पर ध्यान देना है।
योजना का स्वरूप
डॉग स्क्वॉड ने अभियान को 3 केंद्रों पर विभाजित कर कार्रवाई की।
- कजलीखेड़ा (ABC सेंटर): 29 कुत्तों को चिह्नित कर भेजा गया।
- आदमपुर (ABC सेंटर): 30 कुत्तों को नसबंदी के लिए भेजा गया।
- अरवलिया (ABC सेंटर): 27 पशुओं को नसबंदी केंद्रों तक ले जाया गया।
नसबंदी, टीकाकरण और रिहाई
सभी पकड़े गए 86 कुत्तों का एंटी-रैबीज टीकाकरण और नसबंदी कार्यक्रम के तहत उपचार किया गया। नसबंदी के बाद 74 स्वस्थ कुत्तों को सुरक्षित वातावरण में वापस छोड़ा गया, ताकि उनकी आबादी नियंत्रित रहे लेकिन उनकी बेहतरी और पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे। बाकी 12 कुत्तों का इलाज अभी चल रहा है या उन्हें किसी चूक-वश समय नहीं मिला। जल्द ही, उन्हें भी वांछित केंद्रों में भेजा जाएगा।
नगर निगम के डॉग स्क्वॉड ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 86 आवारा श्वानों को पकड़कर नसबंदी केंद्रों में भेजा और नसबंदी उपरांत 74 श्वानों को पुनः छोड़ा गया।
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— Bhopal Municipal Corporation (@BMCBhopal) July 24, 2025
नगरपालिका की रणनीति
नगर निगम का यह अभियान लगातार जारी रखने का उद्देश्य शहरवासियों की सुरक्षा, पशु कल्याण और आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना है। निगम अधिकारी मानते हैं कि नसबंदी ही एक प्रमुख तरीका है जिससे इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान संभव है। टीम ने स्पष्ट किया है कि यह एक सतत प्रक्रिया है, जो आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। उन्हें भरोसा है कि समय के साथ शहर में आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतों में सुधार होगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
