भोपाल | मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) भोपाल की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रगति अग्रवाल ने नया इतिहास रच दिया है। कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की यह प्रोफेसर द ग्रेट हिमालयन अल्ट्रा (TGHU) 2025 को पूरा करने वाली पहली महिला साइकिलिस्ट बन गई हैं। उन्होंने 600 किलोमीटर लंबी इस कठिन रेस को 36 घंटे 58 मिनट में पूरा किया और पुरुषों की कटऑफ टाइमिंग के भीतर फिनिश लाइन पार की।
खतरनाक रास्ते और चुनौतियाँ
यह रेस आसान नहीं थी। प्रतिभागियों को 7500 मीटर से अधिक की ऊँचाई पर साइकिल चलानी पड़ी, जहां पतली हवा, भूस्खलन, बाढ़ और अचानक बदलता मौसम बड़ी चुनौती बना। पहले दिन 4000 मीटर से ऊपर लगातार साइकिलिंग करने से डॉ. अग्रवाल को सिरदर्द और शरीर में सूजन का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन भारी बारिश में घंटों गीले कपड़ों में साइकिल चलाना उनकी सहनशक्ति की असली परीक्षा थी।
फिटनेस से जुनून तक
डॉ. अग्रवाल ने 2014 में बेंगलुरु में पढ़ाई के दौरान ट्रैफिक से बचने और फिट रहने के लिए साइकिलिंग शुरू की थी। धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया। 2021 से उन्होंने लंबी दूरी की BRM राइड्स करना शुरू किया और नवंबर 2024 में Deccan Cliffhanger भी पूरी की। कोच चैतन्य वेल्हल के मार्गदर्शन में उन्होंने दो साल तक कठिन प्रशिक्षण लिया। सप्ताहांत में 8–10 घंटे और हफ्ते के दिनों में 2–3 घंटे की नियमित साइकिलिंग ने उनकी तैयारी को मजबूत किया।
क्रू का योगदान
इस कठिन रेस में उनका साथ देने वाली टीम शिव, यश, रवीना, हिमांशु, स्तांज़िन और मुस्तफा को बेस्ट क्रू अवार्ड मिला। दौड़ के दौरान उनकी माँ को AMS (Acute Mountain Sickness) की समस्या हो गई थी, जिन्हें क्रू ने पूरी रात अस्पताल में संभाला। बाद में उनके भाई लेह पहुंचे और माँ को सुरक्षित भोपाल ले गए।
प्रेरणा की मिसाल
फिनिश लाइन पार करने के बाद डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अनुशासन, स्वास्थ्य और आशीर्वाद से कोई भी असंभव हासिल किया जा सकता है। डॉ. प्रगति अग्रवाल की इस उपलब्धि ने न सिर्फ भोपाल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी कहानी आज हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो कठिनाइयों को पार कर सपनों को हकीकत बनाना चाहती है।
