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भोपाल में RTO की बड़ी कार्रवाई ,यात्री बसों की चेकिंग में मिलीं खामियां; 42 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूला

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Published On: 16 October 2025

भोपाल में यात्री सुरक्षा को लेकर बुधवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम ने राजधानी में संचालित बसों पर सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान टीम ने शहर के प्रमुख बस स्टैंडों और मार्गों पर करीब दो दर्जन से अधिक यात्री बसों को रोका और उनके दस्तावेजों, सुरक्षा उपकरणों तथा सीटिंग कैपेसिटी की गहन जांच की।

बसों में अनियमितताएं

जांच के दौरान कई बसों में अनियमितताएं पाई गईं। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, कुछ बसें पंजीकरण में दर्ज सीटिंग कैपेसिटी से अधिक यात्रियों को लेकर चल रही थीं। कई वाहनों में फायर एक्सटिंग्यूशर या तो अनुपस्थित मिले या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा, कुछ बसों में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र और बीमा दस्तावेज अधूरे पाए गए।

उल्लंघन में दोषी

आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने बताया कि बुधवार की जांच में कुल 12 बसों को मोटरयान अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन में दोषी पाया गया। इनसे मौके पर ही कुल 42 हजार 500 रुपए का शमन शुल्क वसूला गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नियमित निरीक्षण अभियान

शर्मा ने आगे बताया कि आरटीओ की यह कार्रवाई नियमित निरीक्षण अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर में संचालित सभी यात्री बसें निर्धारित मानकों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन बस ऑपरेटरों ने अब तक अपने वाहनों में फायर सेफ्टी उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा किट और फिटनेस प्रमाणपत्र अपडेट नहीं कराए हैं, उनके खिलाफ आगामी दिनों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दस्तावेजों की कमी

अधिकारियों ने बताया कि कई बार यात्री बसें ओवरलोडिंग और दस्तावेजों की कमी के बावजूद सड़कों पर दौड़ती रहती हैं, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में आरटीओ ने बस ऑपरेटरों को निर्देश जारी किए हैं कि वे तत्काल अपने वाहनों की सुरक्षा और तकनीकी जांच पूरी कर लें, अन्यथा बसों को जब्त भी किया जा सकता है।

आरटीओ टीम ने यह भी कहा कि अभियान लगातार जारी रहेगा और आने वाले दिनों में ग्रामीण रूटों पर चलने वाली बसों की भी जांच की जाएगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे असुरक्षित बसों में सफर करने से बचें और किसी भी अनियमितता की जानकारी तुरंत परिवहन विभाग को दें।

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