बड़वानी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां लेडी हेड कॉन्स्टेबल ने बीजेपी के सिलावद मंडल अध्यक्ष अजय यादव पर छेड़छाड़ और धमकाने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अजय यादव के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
बाजार में हुई वारदात
एफआईआर के मुताबिक घटना 17 सितंबर की है। 30 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल उस दिन सिक लीव पर थी और बाजार में सामान लेने गई थी। जब उसने भारत मार्ट के पास कार रोकी और दुकान की ओर बढ़ रही थी, तभी अजय यादव उसकी कार का गेट खोलकर जबरन सामने वाली सीट पर बैठ गया। कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि अजय ने उसका हाथ पकड़कर कहा – “तू चल मेरे साथ, मैं तुझे पसंद करता हूं।”
विरोध करने पर धमकी
महिला ने जब खुद को छुड़ाया और जाने से मना किया तो अजय यादव ने गालियां दीं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसने धमकी दी कि तू आदिवासी है, मेरा क्या बिगाड़ लेगी? तुझे बड़वानी में नौकरी नहीं करने दूंगा। ट्रांसफर करवा दूंगा। इतना ही नहीं, जाते-जाते उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
विधायक का बड़ा बयान
इस मामले पर मनावर से कांग्रेस विधायक और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आदिवासी समाज इस घटना से आहत है और अगर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। अलावा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ बीजेपी पदाधिकारियों की तस्वीरें भी शेयर कीं और सवाल उठाया कि अपराधियों के लिए बीजेपी संगठन सबसे सुरक्षित जगह क्यों बन गया है।
दिनांक 18 सितंबर 2025 को महिला पुलिसकर्मी के साथ छेड़छाड़ की गंभीर घटना पर थाना कोतवाली में अपराध क्र. 662/2025 पंजीबद्ध किया गया है। इसमें धारा 74, 75, 78, 296, 351 (3) बीएनएस तथा SC/ST अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(va) के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण विवेचनाधीन… pic.twitter.com/sAZNpRTKZY
— Dr. Hiralal Alawa (@HIRA_ALAWA) September 19, 2025
पुलिस की कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने अजय यादव पर बीएनएस की धारा 74, 75, 78, 296, 351(3) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं लेकिन अभी तक आरोपी फरार है।
इस पूरे मामले ने बड़वानी की राजनीति को भी गर्मा दिया है। एक तरफ पीड़िता इंसाफ की मांग कर रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष बीजेपी पर निशाना साध रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपी को पकड़ पाती है और इस मामले का आगे क्या रूख निकलता है।
