भोपाल | गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री में तीन दिन पहले हुए क्लोरीन गैस रिसाव ने हड़कंप मचा दिया था। अचानक हुए इस हादसे से क्षेत्र में रहने वाले 100 से अधिक लोग आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की चपेट में आ गए थे। समय रहते गैस को नियंत्रित कर लिया गया, वरना स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
तीन विभागों की टीम कर रही जांच
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने घटना के तुरंत बाद नगर निगम, उद्योग विभाग और सीएमएचओ को संयुक्त जांच के निर्देश दिए थे। स्वतंत्रता दिवस के कारण रिपोर्ट अब तक प्रस्तुत नहीं हो सकी है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि शनिवार को यह रिपोर्ट सामने आ जाएगी। एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव के अनुसार, जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट सौंपी जाएगी। यदि लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री के केमिकल स्टोर में पानी भरने से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ। शुरुआत में इसकी मात्रा ज्यादा नहीं थी, लेकिन जब नगर निगम की दमकल टीम ने आग लगने की आशंका को देखते हुए पानी डाला तो गैस और तेजी से फैल गई। बाद में एसडीआरएफ और निगम की टीम ने मौके पर कास्टिक सोडा डालकर गैस को निष्क्रिय किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हालात काबू में आए।
बुधवार दोपहर को हुए इस रिसाव से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रभावित लोग आंखों में जलन और सांस लेने की समस्या से परेशान हुए। प्रशासनिक अधिकारी मास्क पहनकर मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन लोग अब भी घटना से डरे हुए हैं।
रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
नगर निगम और उद्योग विभाग की रिपोर्ट इस मामले में अहम मानी जा रही है। जांच में फैक्ट्री के संचालन से जुड़ी परमिशन और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की गई है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि गैस रिसाव के लिए जिम्मेदारी किसकी है और चूक कहां हुई।
