भोपाल | CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकसेवक शासन की लोककल्याण और विकास की भावना को धरातल पर उतारने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन में सुशासन की अहम भूमिका है, और यह तभी संभव है जब योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2020 और 2021 बैच के उप जिलाध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि चयनित अधिकारी निर्भीक, नि:स्वार्थ और कर्तव्यनिष्ठ होकर अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने नवाचारों के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
यह अवसर उस समय आया जब प्रशासन अकादमी, भोपाल में परिचयात्मक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 27 प्रशिक्षु अधिकारी सौजन्य भेंट के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन पहुंचे।
अध्ययनशीलता और विनम्रता पर बल
डॉ. यादव ने अधिकारियों को हमेशा अध्ययनशील बने रहने, निरंतर सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रहने और अहंकार से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा का आधार विनम्रता और सेवाभाव होना चाहिए। अधिकारी अपने व्यवहार, आचरण और व्यक्तित्व के माध्यम से ही जनसामान्य में अमिट छाप छोड़ सकते हैं।
लोकसेवक ही शासन की लोक कल्याण और विकास की भावना को धरातल पर क्रियान्वित करने का हैं माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री से वर्ष 2020 और 2021 बैच के उप जिलाध्यक्षों ने की सौजन्य भेंट
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— GAD, MP (@GADdeptmp) August 13, 2025
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, अध्ययन क्षेत्र और व्यक्तिगत रुचियों पर भी बातचीत की। उन्होंने जोर दिया कि मानवीय मूल्यों का पालन करते हुए अधिकारी अपने कार्य में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखें।
सीएम ने किया सपष्ट
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकसेवक केवल प्रशासनिक आदेशों के पालन तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव के प्रेरक भी बनें। उनका कर्तव्य है कि शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाकर, लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाएं।
