सतना जिले में CM हेल्पलाइन की शिकायतों के समय पर निराकरण में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कड़ा रुख अपनाया है। लगातार खराब प्रदर्शन सामने आने के बाद कोटर तहसीलदार मणिराज सिंह पर सीधी कार्रवाई करते हुए सात दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई है।
कलेक्टर ने सिर्फ वेतन कटौती तक सीमित न रहते हुए अन्य क्षेत्रों पर भी सख्ती दिखाई है। रघुराजनगर शहरी क्षेत्र, रघुराजनगर ग्रामीण और कोठी क्षेत्र को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके चलते प्रशासन ने जवाबदेही तय करने का फैसला लिया है।
आखिरी मौका
नागौद, बिरसिंहपुर और उचेहरा तहसीलों की स्थिति को भी गंभीर माना गया है। हालांकि इन क्षेत्रों में तत्काल दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए सुधार के लिए पांच दिन का समय दिया है। इस अवधि में शिकायतों के निराकरण में सुधार नहीं होने पर आगे कड़ी कार्रवाई की बात भी कही गई है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन की ग्रेडिंग में तत्काल सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
5 दिन में दिखेगा असर
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि जिले के पास अभी केवल पांच दिन का समय शेष है। इस दौरान सभी विभागों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी होगी और लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना होगा। तय समय में सुधार नहीं दिखा तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।
