मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से मासूम बच्चों की मौतों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शनिवार को सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि “सरकारी हत्या” है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले तीन महीनों में 150 से अधिक बच्चों की मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 25 से ज्यादा मौतें जहरीली कफ सिरप से जुड़ी बताई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की निष्क्रियता और विभाग की लापरवाही ने इन मौतों को जन्म दिया है।
नागपुर लैब ने चेताया
पटवारी ने खुलासा किया कि 19 सितम्बर 2025 को नागपुर स्थित प्रयोगशाला ने मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को एक रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में साफ उल्लेख था कि मौतें किसी संक्रमण से नहीं, बल्कि दूषित दवा से हुई हैं। उन्होंने कहा, “पहली मौत 3 सितम्बर को हुई थी, लेकिन 8 मौतों के बाद भी कोई पोस्टमार्टम नहीं किया गया। मंत्री त्यौहार मनाते रहे, जबकि माताएं अपने बच्चों को खोती रहीं।”
CBI जांच की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वास्थ्य विभाग में सोनू राणा नाम के व्यक्ति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह मेडिकल कंपनियों और विभाग के बीच डील करवाने का काम करता है।
आज छिंदवाड़ा त्रासदी के संदर्भ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया!https://t.co/SOF0ZsjgDR
— MP Congress (@INCMP) October 11, 2025
पटवारी ने दावा किया कि राणा और स्वास्थ्य मंत्री की तस्वीरें उनके पास मौजूद हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की सच्चाई बयां करती हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि देश के स्वास्थ्य मंत्री के पीए आदित्य सिंह की इसमें क्या भूमिका है। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए और ड्रग कंट्रोलर पर एफआईआर दर्ज की जाए।
कांग्रेस की चेतावनी
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को राज्यव्यापी आंदोलन में बदलेगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी प्रदेश के सभी जिलों में बच्चों के अस्पतालों के बाहर उपवास और धरना आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, हमारे बच्चों का जीवन है। सरकार को जवाब देना ही होगा।
मीडिया की भूमिका की सराहना
कांग्रेस नेता ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों ने सच्चाई को जनता तक पहुंचाया है। उन्होंने जनता से अपील की कि अब समय है कि हर नागरिक सरकार से जवाब मांगे। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक, हर जगह आवाज बुलंद की जाए।
