मैहर जिसे मां शारदा की पवित्र नगरी के रूप में जाना जाता है, अब प्रदूषण की मार झेल रही है। रामनगर के बरहिया रेउसा मोड पर स्थित दक्षिणा इंफ्रा डामर प्लांट के कारण हवा और मिट्टी प्रदूषित हो रही है। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि लंबे समय से यह प्लांट बिना किसी स्पष्ट वैध अनुमति के संचालित हो रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्लांट के पास वैध अनुमति है या नहीं, यह आज तक साफ नहीं हो पाया। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का सतना क्षेत्रीय कार्यालय पूरी तरह मौन है। जनता सवाल कर रही है कि अधिकारी और प्रशासन क्यों चुप हैं। क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है और उद्योगपतियों के लिए छुट्टी का सर्टिफिकेट है?
प्रशासन की खामोशी
स्थानीय लोग बता रहे हैं कि प्रशासन ने कई बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। यह लापरवाही अब केवल प्रशासन की कमजोरी नहीं, बल्कि संभावित सांठगांठ का संकेत लग रही है। लोगों का कहना है कि वेतन लेने वाले अधिकारी और जनता से चुनी गई सरकार, स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति इतनी उदासीन कैसे हो सकती है? मैहर की जनता अब स्पष्ट जवाब चाहती है। अगर प्लांट वैध अनुमति के साथ काम कर रहा है, तो संबंधित विभाग इसे जनता के सामने प्रमाणित करे। और अगर अनुमति नहीं है, तो यह बताये कि इतने सालों से यह उद्योग कैसे चल रहा है।
प्रदूषण का दानव
स्थानीय निवासी बताते हैं कि प्लांट के कारण आसपास के खेतों और पानी की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ा है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मां शारदा की नगरी में अब यह सवाल उठता है कि क्या शासन और प्रशासन प्रदूषण के इस पाप में भी भागीदार बन चुके हैं। स्थानीय संगठन और नागरिक लगातार प्लांट के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार और विभाग अगर समय रहते कार्रवाई नहीं करते, तो यह लापरवाही गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
