राजधानी भोपाल में होली के पारंपरिक जुलूस को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इस वर्ष 3 मार्च को पड़ रहे चंद्र ग्रहण के कारण धुलेंड़ी का जुलूस अब 4 मार्च (बुधवार) को निकाला जाएगा। श्री हिंदू उत्सव समिति भोपाल ने धार्मिक परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया है। समिति का कहना है कि ग्रहण के दौरान शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, इसलिए तिथि आगे बढ़ाई गई है।
समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपकर 4 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यह जुलूस शहर की वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। अवकाश घोषित होने से अधिक संख्या में नागरिक उत्सव में भाग ले सकेंगे और यातायात व्यवस्था भी सुचारु रहेगी।
होली जुलूस की तारीख बदली
समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि होलिका दहन 2 और 3 मार्च की दरम्यानी रात ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान से किया जाए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय किया गया पूजन अधिक शुभ माना जाता है। आयोजकों का कहना है कि शास्त्रीय परंपराओं का पालन करते हुए ही उत्सव मनाया जाएगा।
झांकियां बनेंगी आकर्षण
4 मार्च को निकलने वाला धुलेंड़ी जुलूस पारंपरिक अंदाज में आयोजित होगा। इसमें रंग-गुलाल, ढोल-नगाड़े, आकर्षक झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जुलूस राजधानी को उत्सवी रंग में रंग देगा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा गया है।
सामाजिक समरसता का संदेश
आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल होली मनाना नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश देना भी है। हर वर्ग और आयु के लोग इस जुलूस में शामिल होते हैं, जिससे शहर में भाईचारे का माहौल बनता है। प्रशासनिक अनुमति और आवश्यक तैयारियों के साथ आयोजन को भव्य रूप देने की तैयारी चल रही है।
